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खरगोन में 50 लाख का घोटाला: महिला सरपंच बर्खास्त, 6 साल का चुनावी प्रतिबंध

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खरगोन में 50 लाख का घोटाला: महिला सरपंच बर्खास्त, 6 साल का चुनावी प्रतिबंध

खरगोन : मध्य प्रदेश के खरगोन जिले की गोगावां ग्राम पंचायत में बड़े घोटाले के चलते महिला सरपंच के ऊपर गाज गिरी है । महिला सरपंच को न केवल बर्खास्त किया गया है बल्कि उनके ऊपर 50 लाख रुपए की रिकवरी भी निकली है । अब वे 6 साल तक चुनाव भी नहीं लड़ सकेंगी।

लगभग 50 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितताओं और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए महिला सरपंच रेशमा बाई राणा को पद से हटाने और राशि की वसूली के आदेश जारी किए हैं।
जिला पंचायत द्वारा कराई गई विस्तृत जांच में गंभीर वित्तीय गड़बड़ियां सामने आईं। जांच रिपोर्ट के आधार पर मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मिलिंद कुमार नागदेवे ने सरपंच के खिलाफ 49 लाख 70 हजार 464 रुपये की वसूली का आदेश जारी किया है। साथ ही उन्हें छह वर्षों के लिए पंचायत चुनाव लड़ने से भी अयोग्य घोषित कर दिया गया है।

जांच में पाया गया कि वर्ष 2018–19 के दौरान विभिन्न मदों में प्राप्त करीब 21.25 लाख रुपये में से लगभग 19.63 लाख रुपये नियमों के विपरीत खर्च किए गए। उल्लेखनीय है कि रेशमा बाई दूसरी बार सरपंच चुनी गई थीं और इससे पहले भी उन पर करीब 43.19 लाख रुपये की अनियमितताओं के आरोप लग चुके थे।

निर्माण कार्यों में भी बड़े स्तर पर गड़बड़ियां सामने आईं। पावर ब्लॉक, सीसी रोड और नाली निर्माण जैसे कार्यों में स्वीकृत राशि से अधिक भुगतान किया गया, जबकि तकनीकी स्वीकृति और गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई। रिकॉर्ड के अनुसार 38.94 लाख रुपये खर्च दिखाए गए, लेकिन जांच में केवल 27.14 लाख रुपये के कार्य ही संतोषजनक पाए गए, जिससे करीब 11.80 लाख रुपये के अतिरिक्त भुगतान का मामला सामने आया।

इसके अलावा ट्रैक्टर किराया, स्वच्छता कार्य और मजदूरी भुगतान में भी अनियमितताएं मिलीं तथा कई जरूरी अभिलेख गायब पाए गए। यह शिकायत उप सरपंच अमरसिंह कदम द्वारा की गई थी, जिसके बाद जांच शुरू हुई।

एक अन्य मामले में विधायक निधि से मंदिर सामुदायिक भवन के फर्श निर्माण के लिए 2.40 लाख रुपये निकाले गए, जबकि कार्य शुरू ही नहीं हुआ था। प्रशासन ने पूरे मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए वसूली और अन्य दंडात्मक प्रक्रिया शुरू कर दी है।