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Movement for Temple Again : जहां 36 मौत हुई, उस मंदिर को फिर बनाने के लिए आंदोलन!

शुक्रवार को आधे दिन कारोबार बंद रहकर पैदल मार्च होगा!

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Movement for Temple Again : जहां 36 मौत हुई, उस मंदिर को फिर बनाने के लिए आंदोलन!

Indore : जिस मंदिर की बावड़ी में गिरने से 36 लोगों की अकाल मौत हुई उस बेलेश्वर महादेव मंदिर को फिर से बनाने के लिए आंदोलन शुरू हो गया। हनुमान जयंती पर यहां हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया गया। रहवासियों का कहना है कि शुक्रवार को कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकालेंगे। सिंधी कॉलोनी का बाजार भी आधा दिन बंद रहेगा।

इस मंदिर को फिर बनवाने के लिए बेलेश्वर महादेव मंदिर क्षेत्र के रहवासियों ने एक संघर्ष समिति बना ली। मंदिर में हनुमान चालीसा पाठ की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई। विशेष जिला पुलिस बल के अफसरों को थाने के फोर्स के साथ तैनात किया गया। हालांकि आयोजन के बाद पुलिस बल लौट गया।

रामनवमी के दिन चल रहे हवन की पूर्णाहुति के दौरान मंदिर की बावड़ी में गिरने से 36 लोगों की मौत हो गई थी। यह बावड़ी करीब 40 साल पहले स्लैब डालकर ढंक दी गई थी। स्लैब टूटकर धंसने से उस पर खड़े लोग बावड़ी में डूब गए। हादसे के बाद आनन-फानन में प्रशासन ने मंदिर को सील कर दिया। मूर्तियां अन्यत्र रखवाकर पूरा ढांचा जेसीबी से ढहा दिया था। रहवासी इसी जगह पर फिर से मंदिर बनवाना चाहते हैं।

शुक्रवार को पैदल मार्च

सिंधी समाज के लोग 7 अप्रैल को सुबह 10 बजे कलेक्टर कार्यालय तक पैदल मार्च निकालेंगे।कलेक्टर को ज्ञापन दिया जाएगा। इसके साथ ही सिंधी कॉलोनी और आसपास के इलाके में आधा दिन दुकानें बंद रखने का भी निर्णय लिया गया है। रहवासियों का आरोप है कि श्री बेलेश्वर महादेव मंदिर परिसर को प्रशासन ने षड्यंत्रपूर्वक तोड़ा है। आज हनुमान चालीसा का पाठ किया ताकि अफसर और नेताओं को भगवान सद्बुद्धि दें और मंदिर फिर से बन सके।

यह विरोध समिति का

श्री बेलेश्वर महादेव एवं झूलेलाल संघर्ष समिति के ललित पारानी ने बताया कि हादसे के बाद 36 लोगों की मौत होने के बावजूद हताहत परिवारों सहित आसपास के रहवासियों, गुजराती समाज, सिंधी समाज सहित सभी लोगों की मंदिर से आस्था जुड़ी थी। सभी लोग सालों से इस मंदिर से जुड़े थे और इसे तोड़ने का विरोध कर रहे थे। मंदिर टूटने से सभी लोग काफी दुखी हैं। इसके चलते समिति का गठन किया गया है। समिति के वॉट्सएप ग्रुप में 700 सदस्य हैं। इसमें कोई पदाधिकारी नहीं है, बल्कि सभी लोग समिति के कर्ताधर्ता है।

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