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Petlawad Blast : पेटलावद धमाके का अंतिम आरोपी भी दोषमुक्त

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(झाबुआ से श्याम त्रिवेदी की रिपोर्ट)

Petlawad : झाबुआ जिले के पेटलावद में 12 सितम्बर 2018 को राजेंद्र कांसवा की दुकान पर जबरदस्त धमाका हुआ था। इसमें 78 लोगों की मौत हो गई थी। कई लोग घायल भी हुए थे। इस मामले में राजेंद्र कांसवा को मुख्य आरोपी और धर्मेंद्र सिंह राठौर को सह आरोपी माना गया था।

लेकिन, राजेंद्र कांसवा की मौत हो गई थी और DNA रिपोर्ट में इसकी पुष्टि भी हुई थी। लंबी कार्रवाई के बाद कोर्ट ने दूसरे आरोपी धर्मेंद्र सिंह राठौर को दोषमुक्त कर दिया। इस मामले में सभी आरोपी कोर्ट से दोषमुक्त कर दिए गए हैं।

Petlawad Blast : पेटलावद धमाके का अंतिम आरोपी भी दोषमुक्त

बहुचर्चित पेटलावद ब्लास्ट मामले में झाबुआ के सत्र न्यायाधीश तोमर ने इस घटना के मुख्य आरोपी धर्मेन्द्र सिंह राठौर को दोषमुक्त करार दिया। उन्होंने आरोपी को अपराध की धारा 304 (1).338, 308, 436, 286 भारतीय दंड संहिता तथा धारा 3, 4 और 5 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम तथा धारा 9 (1) . (B) विस्फोटक अधिनियम से दोषमुक्त करार दिया।

12 सितंबर 2018 को पेटलावद में राजेंद्र कांसवा की दुकान पर जबरदस्त ब्लास्ट हुआ था ,इस घटना में 78 लोग मारे गए थे और कई घायल हुए थे। इस घटना में जिलेटिन की छड़ों में विस्फोट होना बताया गया था, जो अवैध रूप से संग्रहित होना बताया गया था। राजेंद्र कांसवा को लम्बे समय तक फरार बताया गया था। उसके बारे में पोस्टर भी लगाए गए थे। लेकिन, बाद में पुष्टि हुई कि मृतकों में राजेंद्र कांसवा भी था।

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इस हादसे के बाद मप्र सरकार ने प्रकरण के अनुसंधान के लिए SIT (स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम) का गठन किया था। इस पूरे मामले की जांच एडिशनल एसपी ने की थी। घटना में राजेंद्र कांसवा की मृत्यु हो गई थी, जिसकी DNA रिपोर्ट भी कोर्ट में प्रस्तुत की गई थी। मामले में राजेंद्र कांसवा के अलावा धर्मेंद्र सिंह राठौर को भी आरोपी बनाया गया था। SIT ने अनुसंधान पूरा करने के बाद अपना अंतिम प्रतिवेदन प्रस्तुत किया था। ट्रायल के दौरान अभियोजन ने 387 दस्तावेज प्रस्तुत किए तथा 35 गवाहों को अभियोजन द्वारा गवाह के रूप में पेश किया गया था।

प्रति परीक्षण गवाहों से आरोपी धर्मेन्द्र के अधिवक्ता प्रतीक मारू ने जिरह की थी। न्यायालय ने आरोपी के अधिवक्ता प्रतीक मारू के अंतिम तर्कों के दौरान उठाए गए आधारों पर एवं गवाहों के बयानों में आए विरोधाभास एवं प्रस्तुत न्याय दृष्टांतों पर सहमत होते हुए आरोपी धर्मेन्द्र सिंह राठौर को दोषमुक्त करार दिया।