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Alcohol Dispute : भाजपा की 2 साध्वी नेताओं के शराब पर अलग-अलग विचार

एक साध्वी शराब के खिलाफ, दूसरी ने कहा 'थोड़ी-थोड़ी पिया करो'

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Bhopal : भाजपा से जुड़ी एक साध्वी ने शराबबंदी के खिलाफ कमर कसी, तो दूसरी साध्वी ने शराब के पक्ष में बयान देते हुए कहा ‘थोड़ी-थोड़ी पिया करो!’ क्योंकि, उनकी नजर में ‘शराब लिमिट में पीना लाभकारी, ज्यादा जहर जैसा!’ भोपाल की BJP सांसद प्रज्ञासिंह ठाकुर ने मध्यप्रदेश में शराबबंदी की मांग पर टिप्पणी की और कहा ‘आयुर्वेद में शराब का सीमित मात्रा में सेवन औषधि के समान होता है। जबकि, ज्यादा मात्रा में शराब का सेवन जहर के समान है।
अपने बयानों से चर्चा में बनी रहने वाली भोपाल की सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर (Pragya Singh Thakur) फिर सुर्खियों में हैं। सांसद ने मध्यप्रदेश में शराबबंदी की मांग का एक तरह से विरोध किया है। साध्वी प्रज्ञा के इस बयान का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

 

साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा कि शराब सस्ती हो या महंगी हो, शराब औषधि का काम करती है। वो आयुर्वेद में शराब यानी जो अल्कोहल होता है, उसका सीमित मात्रा में सेवन औषधि का काम करता है और असीमित मात्रा में वो जहर होता है। इसको सबको समझना चाहिए, सुनना चाहिए और उसको अधिक लेने से जो नुकसान होते हैं। उसको समझकर उसे बंद करना चाहिए।

शराबबंदी पर राजनीति

मध्यप्रदेश में नई शराब नीति को लेकर सियासत गरमा गई। भाजपा के कई नेताओं ने इस पर अपने विचार व्यक्त किए। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती (Uma Bharti) ने मध्यप्रदेश में शराबबंदी पूरी तरह से लागू करने के लिए CM शिवराजसिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) को जनवरी तक का समय दिया था। उमा भारती ने कहा कि राज्य में यदि पूरी तरह शराबबंदी लागू नहीं हुई, तो वे आंदोलन करेंगी। नई आबकारी नीति पर कांग्रेस भी भाजपा पर हमले कर रही है और उमा भारती के बयान की याद दिला रही है। शराबबंदी लागू कराने के लिए उमा भारती ने मकर संक्रांति के बाद सड़क पर उतरने की घोषणा की थी। पर, फिलहाल वे नेपथ्य में हैं।