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FIR Against Former Head of SEBI : SEBI की पूर्व प्रमुख पर FIR का आदेश, शेयर बाजार में धोखाधड़ी का है आरोप!

कोर्ट ने ये आदेश शेयर बाजार में कथित धोखाधड़ी के आरोपों के बीच दिया!

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FIR Against Former Head of SEBI : SEBI की पूर्व प्रमुख पर FIR का आदेश, शेयर बाजार में धोखाधड़ी का है आरोप!

Mumbai : शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनियम बोर्ड (सेबी) की पूर्व चीफ माधबी पुरी बुच सहित 5 अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया। यह आदेश मुंबई स्थित विशेष एसीबी अदालत ने दी। शनिवार को एसीबी अदालत के न्यायाधीश शशिकांत एकनाथराव बांगर ने अपने आदेश में कहा कि पहली नजर में विनियामकीय चूक और मिलीभगत के सबूत हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है।

मुंबई एसीबी कोर्ट के इस आदेश पर सेबी की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। सेबी ने एक प्रेस नोट जारी करते हुए कहा कि वह इस आदेश को चुनौती देने के लिए उचित कानूनी कदम उठाएगा। सेबी सभी मामलों में उचित विनियामक का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। कोर्ट ने कहा कि वह जांच की निगरानी करेगा और 30 दिनों के भीतर (मामले की) स्थिति रिपोर्ट मांगी गई है। माधवी पुरी बुच का सेबी प्रमुख का कार्यकाल 28 फरवरी को ही समाप्त हुआ और उनकी जगह ओडिशा कैडर के आईएएस तुहिन कांत पांडे को नया सेबी प्रमुख बनाया गया, जिनका कार्यकाल 3 साल का होगा।

अमेरिकी रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग ने 2024 के आखिर में तत्कालीन सेबी प्रमुख माधवी पुरी बुच के खिलाफ एक रिपोर्ट जारी की थी। इसमें दावा किया गया था कि अडानी ग्रुप के विदेशी फंड में सेबी चीफ माधवी पुरी बुच और उनके पति की हिस्सेदारी है। साथ ही इस रिपोर्ट में अडानी ग्रुप और सेबी के बीच मिलीभगत का आरोप भी लगाया गया था।

आरोपों का किया खंडन

हिंडनबर्ग के इन आरोपों पर माधवी पुरी बुच और उनके पति ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि ये सभी आरोप बेबुनियाद हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमने कोई भी जानकारी छुपाई नहीं और हिंडनबर्ग के आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है।

ये प्रतिक्रिया दी थी अडानी ग्रुप ने

हिंडनबर्ग द्वारा तत्कालीन सेबी प्रमुख माधवी पुरी बुच और अडानी ग्रुप के बीच मिलीभगत के आरोपों पर अडानी ग्रुप ने प्रतिक्रिया देते हुए इन सभी आरोपों को आधारहीन बताया था। साथ ही अडानी ग्रुप की ओर से कहा गया था कि ये मुनाफा कमाने और बदनाम करने की साजिश है।

 

उनका पूरा कार्यकाल ही विवादित रहा 

माधवी पुरी बुच पर केवल धोखाधड़ी के आरोप ही नहीं लगे। सितंबर 2024 में वित्त मंत्रालय को सेबी के 500 कर्मचारियों ने एक पत्र लिखा, जिसमें आरोप लगाया था कि सेबी कार्यालय में माहौल बहुत टॉक्सिक है। माधवी पुरी बुच मीटिंग्स में चिल्लाती हैं और डांटती हैं। साथ ही पत्र में आरोप लगाए गए कि सेबी प्रमुख पब्लिकली बेइज्जती करती हैं।