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MP पुलिस भर्ती परीक्षा फर्जीवाड़ा: अलीराजपुर SP ने पत्रकार वार्ता में किया अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, यूपी-बिहार-मुरैना से 6 आरोपी पकड़े, 4 अभी भी फरार

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MP पुलिस भर्ती परीक्षा फर्जीवाड़ा: अलीराजपुर SP ने पत्रकार वार्ता में किया अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, यूपी-बिहार-मुरैना से 6 आरोपी पकड़े, 4 अभी भी फरार

राजेश जयंत की रिपोर्ट 

अलीराजपुर: अलीराजपुर पुलिस ने म.प्र. पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है।

पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास की अगुवाई में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप पटेल और एसडीओपी अलीराजपुर के निर्देशन में अलग-अलग टीमों ने मुरैना, श्योपुर, बिहार, यूपी और गुजरात से आरोपियों को गिरफ्तार किया।

मामले के मुख्य आरोपी रामरूप ने अपने स्थान पर सॉल्वर बैठाकर परीक्षा दिलवाई थी, जो दस्तावेज वेरिफिकेशन के दौरान पकड़ा गया। जांच में सामने आया कि आरोपी गिरोह ने आधार कार्ड की बायोमेट्रिक डिटेल्स बदलकर सॉल्वर को परीक्षा में बैठाया और फिंगरप्रिंट क्लोनिंग के लिए हाईटेक मशीनों का इस्तेमाल किया।

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पुलिस ने मुरैना, श्योपुर, बिहार, कानपुर (यूपी) और गुजरात से सॉल्वर, बायोमेट्रिक एक्सपर्ट और क्लोनिंग में शामिल कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

फिंगरप्रिंट क्लोनिंग में इस्तेमाल होने वाली पॉलीमर मशीन, जेल और अन्य सामग्री भी जब्त की गई है।

गिरोह के मास्टरमाइंड अशोक गुर्जर, अमिताभ रावत, लालु (मुरैना) और आशीष उर्फ साकेत (बिहार) फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

रेकेट का तरीका था—अभ्यर्थियों से 8-10 लाख रुपये लेकर उनके स्थान पर सॉल्वर को परीक्षा में बैठाना, आधार कार्ड की बायोमेट्रिक डिटेल्स बदलना, और फिर चयन के बाद असली अभ्यर्थी का बायोमेट्रिक दोबारा अपडेट कराना।

गिरफ्तार आरोपी और उनकी भूमिका:

1. रामरूप पिता निरंजन सिंह गुर्जर (मुरैना) – मुख्य अभ्यर्थी, जिसने सॉल्वर से परीक्षा दिलवाई।
2. अमरेन्द्र कुमार उर्फ बाहुबली (गया, बिहार) – सॉल्वर, जिसने रामरूप की जगह परीक्षा दी।
3. संदीप पिता सुरेश रजक (मोरानीपुर, झांसी) – आधार आईडी और फिंगरप्रिंट क्लोन से बायोमेट्रिक अपडेट करने वाला।
4. सुरेन्द्र पिता मनसुखराम उर्फ मंशाराम कुशवाह (मुरैना) – आधार में बायोमेट्रिक अपडेट करने वाला ऑपरेटर।
5. राहुल पिता प्रेमचंद्र गुप्ता (कानपुर, यूपी) – फिंगरप्रिंट क्लोन बनाने वाला।
6. शिवम पिता नंदकिशोर शर्मा (महोबा, यूपी) – फिंगरप्रिंट क्लोन तैयार करवाने में मददगार।

फरार आरोपी:

– अशोक गुर्जर, अमिताभ रावत, लालू (मुरैना) – गिरोह के मुख्य सरगना और मध्यस्थ।
– आशीष कुमार उर्फ साकेत (बिहार) – सॉल्वर उपलब्ध कराने वाला।

पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास ने प्रेस वार्ता में जनता से अपील की है कि सरकारी नौकरी के लिए किसी के झांसे में न आएं, अपने आधार और फिंगरप्रिंट की सुरक्षा रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।