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Big Action: कट्ठीवाड़ा BEO कार्यालय में 20 करोड़ से ज्यादा के गबन को लेकर मुख्य आरोपी कमल राठौर और रिश्तेदारों के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई

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Big Action: कट्ठीवाड़ा BEO कार्यालय में 20 करोड़ से ज्यादा के गबन को लेकर मुख्य आरोपी कमल राठौर और रिश्तेदारों के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई

राजेश जयंत की रिपोर्ट 

अलीराजपुर। जिला मुख्यालय पर मंगलवार सुबह खंड शिक्षा कार्यालय कट्ठीवाड़ा में पदस्थ रहे बाबू कमल राठौर और उनके रिश्तेदारों के ठिकानों पर केंद्रीय एजेंसी ने छापेमारी की। कार्रवाई सुबह 9 बजे शुरू हुई और छापे के दौरान घर के बाहर CRPF के जवान मशीन गन के साथ तैनात रहे, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। अभी तक स्पष्ट नहीं है कि किस सेंट्रल एजेंसी (CBI, ED या अन्य) ने छापा मारा, लेकिन कार्रवाई की गंभीरता से मामला चर्चा में है।

पूरा मामला 2018-19 से 2023-24 के बीच खंड शिक्षा कार्यालय, कट्ठीवाड़ा में हुए 20 करोड़ 47 लाख 12 हजार 727 रुपए के गबन से जुड़ा है। कोष व लेखा विभाग ने अगस्त 2023 में मामले की जांच की, जिसमें DDO कोड 4902506054 के खाते से संदिग्ध भुगतान पकड़े गए।

जांच में सामने आया कि एक से अधिक कर्मचारी, वेंडर और लाभार्थियों के नाम पर 135 से ज्यादा खातों में रकम ट्रांसफर की गई थी। इनमें कई खाते खुद कमल राठौर और उनके रिश्तेदारों के नाम पर थे।

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भोपाल संचालनालय कोष विभाग की जांच में भी कमल राठौर के DDO कोड से संदिग्ध भुगतान सामने आए। पुलिस ने इस मामले में धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, आईटी एक्ट और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित कई धाराओं में केस दर्ज किया है। कमल राठौर को पहले गिरफ्तार किया गया था और उन्हें जमानत भी मिल चुकी थी, लेकिन अब फिर से कार्रवाई तेज हो गई है।

कलेक्टर ने सहायक आयुक्त आजाक विभाग को FIR दर्ज करने के निर्देश दिए थे। फिलहाल सभी आरोपी जमानत पर बाहर है। पुलिस उनकी जमानत रद्द कराने की प्रक्रिया में लगी है।

इस कार्रवाई से साफ है कि जांच अब और गहराई से आगे बढ़ेगी और आने वाले दिनों में और भी खुलासे या गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

मामले पर एक नजर-

1. 2018-19 से 2023-24 के बीच खंड शिक्षा कार्यालय कट्ठीवाड़ा में 20 करोड़ 47 लाख 12 हजार 727 रुपये का गबन हुआ।
2. फर्जी बिल और भुगतान के जरिए 134-135 खातों में रकम ट्रांसफर की गई, जिनमें 35 खाते राठौड़ सरनेम वाले रिश्तेदारों के थे।
3. इस मामले में तत्कालीन 3 खंड शिक्षा अधिकारी, 2 लेखापाल और 1 प्रधानाध्यापक सहित कुल 6 लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई।
4. गबन की राशि पेंशन, वेतन, एरियर और छात्रवृत्ति के नाम पर फर्जी बिल बनाकर निकाली गई।
5. कोष एवं लेखा विभाग की जांच के बाद अगस्त 2023 में पुलिस ने केस दर्ज किया।
6. एफआईआर में आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी), 409 (आपराधिक विश्वासघात), 467, 468, 471 (जालसाजी व फर्जी दस्तावेज), आईटी एक्ट की धारा 74 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(क)(ख) लगाई गई।
7. केस दर्ज होते ही कुछ आरोपी अग्रिम जमानत पर चले गए, जबकि मुख्य आरोपी कमल राठौड़ को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया।
8. पुलिस और विभागीय जांच दोनों जारी हैं और आगे भी कई खुलासे या गिरफ्तारियां हो सकती हैं।