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Caught Taking Bribe of Customs Officer : CBI ने मुंबई में कस्टम अधिकारी को ₹1.20 लाख की रिश्वत लेते पकड़ा!

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Caught Taking Bribe of Customs Officer : CBI ने मुंबई में कस्टम अधिकारी को ₹1.20 लाख की रिश्वत लेते पकड़ा!

कस्टम अधिकारी और कुछ अज्ञात सरकारी व निजी व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज!

Mumbai : केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने सहार एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स, मुंबई में तैनात कस्टम विभाग के एक सुपरिटेंडेंट को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। उस पर एक कस्टम हाउस एजेंट फर्म से 10 लाख 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगने और लेने का आरोप है ताकि उनके कार्गो की क्लीयरेंस में कोई दिक्कत न हो। सीबीआई ने इस मामले में आरोपी कस्टम अधिकारी और कुछ अज्ञात सरकारी व निजी व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। सुपरिटेंडेंट का नाम कृष्‍ण कुमार बताया जा रहा।

नवी मुंबई के खारघर में सीबीआई ने कस्टम विभाग के एक बड़े अफसर कृष्णा कुमार को गिरफ्तार किया। वे एयर कार्गो में सुपरिटेंडेंट के पद पर है। उनकी गिरफ्तारी फिल्मी स्टाइल में की गई। वह लगभग एक घंटे तक सीबीआई को घुमाता रहा। कृष्णा कुमार पर आरोप है कि उन्होंने एक फर्म से ₹10.2 लाख की रिश्वत ली। कृष्ण कुमार ने सामान पास कराने के लिए एक ‘रेट कार्ड’ तय कर रखा था।

शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी अधिकारी हर इंपोर्टेड सामान के प्रति किलो ₹10 के हिसाब से रिश्वत की मांग कर रहा था, अपने लिए और अपने वरिष्ठ अधिकारियों के नाम पर भी। शिकायत में यह भी कहा गया है कि जब रिश्वत देने से इनकार किया गया, तो आरोपी अधिकारी ने धमकियां दीं। साथ ही जानबूझकर सामान की क्लीयरेंस रोक दी। सीबीआई की टीम ने 25 जुलाई से 1 अगस्त के बीच कई बार स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में शिकायत की पुष्टि की।

सीबीआई अधिकारियों ने कृष्ण कुमार को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उन्हें 6 अगस्त तक सीबीआई की हिरासत में भेज दिया। सीबीआई के अनुसार कृष्णा कुमार ने आर एंड आई विंग (रुमेगिंग एंड इंटेलिजेंस) की मदद से एक फर्म का सामान रोका। उसके बाद उन्होंने फर्म को एक बेनामी ईमेल भेजा।

मामले की अभी आगे जांच जारी

बातचीत की रिकॉर्डिंग और अन्य सबूतों से यह साफ हुआ कि आरोपी ने पहले से क्लीयर हुए माल के एवज में 6 लाख रुपये (जिसमें 5.80 लाख रुपये सीनियर अधिकारियों के लिए और 20 हजार रुपये अपने लिए) की रिश्वत मांगी थी। वर्तमान में रोके गए माल को छोड़ने के लिए 10 लाख रुपये की मांग की थी। इसके अलावा, भविष्य में आने वाले माल की स्मूथ क्लीयरेंस के लिए भी प्रति किलो 10 रुपये रिश्वत तय की गई थी। सीबीआई ने 2 अगस्त को ट्रैप बिछाकर आरोपी को ₹10,20,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 6 अगस्त 2025 तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। फिलहाल, मामले की जांच जारी है।