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Video Statement of BJP Leader: गिरफ्तारी के सवालों के बीच भाजपा नेता का वीडियो बयान सामने आया

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Video Statement of BJP Leader: गिरफ्तारी के सवालों के बीच भाजपा नेता का वीडियो बयान सामने आया

बड़वानी: Video Statement of BJP Leader: मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में एक महिला हेड कांस्टेबल द्वारा की गई FIR को लेकर गिरफ्तारी के सवालों के बीच भाजपा नेता का वीडियो बयान सामने आया है। भाजपा नेता ने घटना को सोचा समझा राजनैतिक षड्यंत्र निरूपित किया है।

मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के सिलावद के भाजपा मंडल अध्यक्ष के विरुद्ध महिला हेड कांस्टेबल के कथित छेड़छाड़ के मामले में जहां आदिवासी नेता गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं ,वहीं पुलिस ने वैधानिक प्रोसीजर के हिसाब से कार्रवाई की बात कही है। इसी बीच भाजपा नेता का वीडियो बयान सामने आया है।

 

बड़वानी कोतवाली के प्रभारी दिनेश सिंह कुशवाहा ने बताया कि 30 वर्षीय महिला हेड कांस्टेबल की शिकायत पर 18 सितंबर को सिलावद निवासी अजय यादव के विरुद्ध बीएनएस की धारा 74,75, 78, 296, 351 (3) और एससी-एसटी एक्ट की धारा 3 (1) (द) , 3 (1) (ध) और 3 (2)(va) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था।

शिकायत में हेड कांस्टेबल ने कहा था कि 1 सितंबर को अजय यादव से उसका ट्रांसफर बड़वानी जिले के अंजड़ करवाने की चर्चा हुई थी। पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेम सिंह पटेल के करीबी यादव ने कहा था कि वह उसका ट्रांसफर सिलावद करवा देगा।

महिला हेड कांस्टेबल एफआईआर में आगे बताया था कि 17 सितंबर की दोपहर अजय यादव ने उसका पीछा कर उसकी कार में प्रवेश किया । इसके बाद ड्राइविंग सीट की बाजू वाली सीट पर बैठ कर उसके साथ छेड़छाड़ की थी। उसने कहा था कि तुम मुझे पसंद हो मेरे साथ चलो। इनकार करने पर जाति सूचक शब्द बोलकर अपमानित किया और कहा कि वह उसे बड़वानी में नहीं रहने देगा।

घटना को लेकर आदिवासी संगठनों ने विरोध कर ज्ञापन सोपा था और अजय यादव को नोटिस आफ अपीयरेन्स प्रदान कर छोड़ने पर आपत्ति उठाते हुए गिरफ्तारी किए जाने पर ही जोर दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि पुलिस सत्ता के दबाव में काम कर रही है।

कोतवाली प्रभारी कुशवाहा ने आरोपो को गलत बताते हुए कहा कि महिला हेड कांस्टेबल की शिकायत होते ही तत्काल प्रकरण दर्ज कर लिया गया था । और 19 सितंबर को आरोपी अजय यादव को थाने पर बुला कर 41 (1 ) (4 ) BNNS की प्रक्रिया के तहत नोटिस ऑफ अपीयरेन्स देकर रवाना किया गया था।

आरोपी को गिरफ्तार नहीं किए जाने को लेकर कोतवाली प्रभारी ने कहा कि यह सभी धाराएं छेड़छाड़ की धाराओं के साथ जुड़ी हुई हैं, और अधिकतम 7 वर्ष तक की सजा वाली है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे में अर्नेश कुमार वर्सेस बिहार गवर्नमेंट के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का पालन करना था। जिसमे 7 वर्ष तक या 7 वर्ष से कम की सजा के मामलों में आरोपी को थाने में बुलाया जाता है। और विभिन्न प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद उसे इस शर्त पर छोड़ा जाता है कि चालान के उपरांत न्यायालय में उपस्थित होना होगा.

उन्होंने बताया कि इसमें चेक लिस्ट से सेटिस्फाई होने के बाद ही यह कार्रवाई की गई।

इस मामले में क्षेत्र के सीनियर एडवोकेट अजय मित्तल ने बताया कि एफआईआर के मुताबिक पुलिस की कार्रवाई वैधानिक है। उन्होंने कहा कि मोलेस्टेशन के मामले में सुप्रीम कोर्ट की किसी भी रूलिंग में आरोपी की गिरफ्तारी को आवश्यक नहीं बताया गया है।

उन्होंने बताया की धारा 74 महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने के इरादे से हमला करने या बल प्रयोग करने से संबंधित है ,जिसमें से जिसमें एक से 5 साल तक की कैद और जुर्माने का प्रावधान है । धारा 75 यौन उत्पीड़न से संबंधित है जिसमें अवांछित यौन प्रस्ताव या शारीरिक सम्पर्क या यौन टिप्पणी शामिल हो सकते हैं, इसमें 3 साल तक की सजा है। वही बीएनएस 78 में महिलाओं का बार-बार पीछा करना और परेशानी पैदा करना शामिल है।

उधर अजय यादव ने घटना को सोचा समझा राजनैतिक षड्यंत्र निरूपित करते हुए कहा कि घटनास्थल पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित है। उन्होंने एक वीडियो रिलीज कर बताया कि घटना 17 सितंबर की बताई जा रही है और पुलिस की हेड कांस्टेबल ने इस मामले को 18 सितंबर को पुलिस में सूचित किया। उन्होंने कहा कि वह आदिवासी समाज के उत्थान के लिए क्षेत्र में काम कर रहे हैं।

उधर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष नानेश चौधरी और बड़वानी विधायक राजन मंडलोई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अजय यादव के दावे को गलत बताया । उन्होंने कहा कि यह अजय यादव और उस महिला कांस्टेबल के बीच का मामला है, इसमें कांग्रेस पार्टी की कोई भूमिका नहीं है।