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बिना खर्च सोलर इनर्जी से रौशन होंगे सरकारी विभागों के दफ्तर, बिजली बिल होगे कम

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बिना खर्च सोलर इनर्जी से रौशन होंगे सरकारी विभागों के दफ्तर, बिजली बिल होगे कम

भोपाल: आने वाले समय में प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों की इमारतें, सरकारी भवन बिना किसी खर्च के सोलर इनर्जी से रौशन होंगे। हर माह होंने वाले इनके बिजली बिलों में भी भारी कमी आएगी। इसके लिए निजी भागीदारी से सभी शासकीय भवनों पर सोलर रुफटॉप लगाए जाएंगे।

भोपाल के शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र एवं अनुसंधान केन्द्र से इसकी शुरुआत हो चुकी है।

नवीन एवं नवकरणीय उर्जा विभाग पूरे प्रदेश के सभी जिलों में स्थित शासकीय कार्यालयों, भवनों को सोलर रुफ टॉप लगाकर उनके बिजली पर होंने वाले खर्च में कमी करने जा रहा है। इसके लिए सभी जिलों में पीपीए किए जा रहे है। इसमें निजी कंपनियां शासकीय इमारतों पर सोलर रुफ टॉप लगाएंगी। सोलर रुफ टॉप लगाने के लिए निजी कंपनियां सरकारी कार्यालयों से कोई राशि नहीं लेंगी। केवल सरकारी भवनों में निजी कंपनियों को अनुबंध कर सोलर रुफ टॉप लगाने के लिए जगह उपलब्ध कराई जाएगी। बदले में यहां सोलर इनर्जी से बनने वाली बिजली को सीधे ग्रिड में भेजकर इन सरकारी कार्यालयों को सस्ती दरों पर बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। इससे इन सरकारी दफ्तरों के मासिक बिजली बिल में हर साल लाखों रुपए की बचत होगी। सोलर से बनने वाली बिजली के उपयोग से वार्षिक कार्बन उत्सर्जन में भी कमी होगी।

राजधानी भोपाल में शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र एवं अनुसंधान केन्द्र में पैतीस किलोवाट रेस्को विद्युत क्रय का अनुबंध किया गया है। यहां पर सोलर इनर्जी से बिजली बनाने के संयंत्र की स्थापना पर सरकारी कार्यालय को कोई खर्च नहीं देना होगा। इन संयंत्रों के लगने के बाद इस शासकीय कार्यालय को 3 रुपए 78 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली मिलेगी। इससे कार्यालय को औसत मासिक बचत दस हजार पांच सौ रुपए की होगी। सालाना सवा लाख रुपए बिजली बिल कम होगा। ग्रिड से 6.44 रुपए प्रति यूनिट के आधार पर बचत होगी। इस संयंत्र के लगने के बाद सालाना पैतीस टन कार्बन डाई आक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी। इससे सौलह सौ वड़े वृक्षों के लगाने से जो कार्बन उत्सर्जन कम होता है वह इस बिजली निर्माण से हो सकेगा।