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DNA की रिपोर्ट बनी अहम सबूत हत्यारे को आजीवन कारावास की सजा, अर्थदंड भी लगाया!

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DNA की रिपोर्ट बनी अहम सबूत हत्यारे को आजीवन कारावास की सजा, अर्थदंड भी लगाया!

Ratlam : सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव के न्यायालय ने जिले के सरवन थाना क्षेत्र में वर्ष 2020 में हुई जीवला उर्फ जीवा की हत्या के मामले में अभियुक्त ग्राम मातर निवासी जीवणा 52 पिता कमजी पारगी को आजीवन कारावास व 3 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। सजा सुनाते समय न्यायालय ने जमानत पर चल रहें जीवणा को जेल भेजने के आदेश दिए।

अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने बताया कि 20 दिसंबर 2020 को फरियादी महिपाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सुबह करीब 8 बजे भीमा निनामा ने फोन पर सूचना दी थी कि उसके पिता जीवणा के घर के आंगन में पड़े हुए हैं। सूचना मिलने पर महिपाल अपनी मां पूनीबाई और पत्नी कालीबाई के साथ जीवणा के घर पंहुचा था जहां उसके पिता जीवला आंगन में मृत अवस्था में पड़े मिले। उनके सिर के पीछे से खून निकल रहा था।

जीवणा के घर के पास रहने वाले बबला पिता भाणजी ने बताया कि घटना से पहले जीवणा का अपनी पत्नी और भाई से विवाद हुआ था। उसी दौरान मृतक जीवला भी मौजूद था। विवाद के बाद जीवणा के परिजन वहां से चले गए थे जबकि जीवला खाट पर सो गया था। रात्रि में करीब 3 बजे बबला ने आवाज सुनी थी कि जीवणा मुझे मत मार, मेरे से उठते भी नहीं बन रहा है।

पुलिस ने मामले में प्रकरण दर्ज कर जीवणा को गिरफ्तार किया और घटना में प्रयुक्त खाखरे की लकड़ी जब्त की थी। पोस्टमार्टम के दौरान चिकित्सक ने जब्त मृतक के कपड़े और अन्य सामग्री को वैज्ञानिक सबूत के लिए एफएसएल भेजा गया था। न्यायालय द्वारा सुनवाई के दौरान वैज्ञानिक सबूत मामले में अहम् साबित हुए एफएसएल जांच में अभियुक्त से जब्त लकड़ी पर खून DNA परिक्षण में मृतक जीवला का होना प्रमाणित हुआ।