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15 साल पुराने वाहन के री-रजिस्ट्रेशन के दौरान फिटनेस जांच जरूरी

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15 साल पुराने वाहन के री-रजिस्ट्रेशन के दौरान फिटनेस जांच जरूरी

भोपाल : राजधानी में अब 15 साल पुराने वाहन मालिकों के लिए एक जरूरी खबर है। अगर आपका वाहन 15 साल या इससे ज्यादा पुराना होने के साथ सड़क पर चलने लायक है, तो इसका री-रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसके लिए फिटनेस चैक कराना जरूरी होगा, लेकिन सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा। री-रजिस्ट्रेशन कराने के लिए वाहन के हिसाब से फीस अदा करनी होगी। इसके अलावा अन्य टैक्स देकर काम पूरा कराया जा सकता है। पुराने वाहन का री-रजिस्ट्रेशन नहीं करने पर वाहन मालिक पर जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि कई लोग पैसे बचाने के चक्कर में पुराने वाहनों का री-रजिस्ट्रेशन नहीं करा रहे हैं।

प्रदेश में लागू हो चुकी है स्क्रैप पॉलिसी
परिवहन विभाग के अनुसार राजधानी सहित पूरे प्रदेश में स्क्रैप पॉलिसी लागू हो गई है। इसके चलते अब 15 साल पुराने वाहनों के री-रजिस्ट्रेशन के लिए लोग आरटीओ पहुंच रहे हैं। इसी वजह से कमर्शियल वाहनों के साथ ही कुछ पुरानी प्राइवेट गाड़ियां भी फिटनेस ट्रैक पर देखी जाने लगी हैं। वाहन मालिक चाहते हैं, यदि उनकी गाड़ी का री-रजिस्ट्रेशन न हो पाए, तो उसको स्क्रैप करने के बाद नई गाड़ी खरीदने पर मिलने वाली ओवर ऑल करीब 25 फीसदी रियायत का फायदा मिल जाए।

प्रदेश में पुराने 25 लाख वाहन से अधिक
परिवहन विभाग की मानें तो प्रदेश में 15 साल पुराने 25 लाख वाहन हैं। जिनमें प्राइवेट व्हीकल भी शामिल है। वहीं, भोपाल ऐसे करीब डेढ़ लाख वाहन हैं। इनकी संख्या हर महीने औसतन 4 से 5 हजार तक बढ़ रही है। परिव कि पुरानी गाड़ी का फिटनेस चेक करने के बाद सर्टिफिकेट नहीं दिया जाता, परंतु उसकी स्थिति चलने योग्य होना जरूरी है। इसके बाद ही उसका री-रजिस्ट्रेशन करते हैं। ऐसे में सभी जिम्मेदार वाहन मालिकों को यदि वे वाहन चला रहे हैं, तो अपने वाहन का री-रजिस्ट्रेशन कराकर भविष्य की परेशानियों से बच सकते हैं।