
मार्च, मई, अक्टूबर महीने हत्या के लिए संवेनदशील,जिन जिलों में हो रही ज्यादा हत्या वहां के IG को लगातार मॉनिटरिंग के निर्देश
भोपाल :पुलिस मुख्यालय ने IG कॉन्फ्रेंस में पहली बार पिछले पांच वर्षो के हत्या और डकैती के मामलों का विश्लेषण किया। इसमें से हत्या के मामलों पर दो घंटे तक विशेष चर्चा की गई। इस दौरान जिन जिलों में सबसे अधिक हत्या के मामले सामने आए हैं वहां के रेंज आईजी को विशेष सतर्कता बरतने और लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। खास बात यह है कि इस विशेष चर्चा में यह निकल कर सामने आया कि मार्च, मई और अक्टूबर महीने में प्रदेश में हत्या की वारदातें ज्यादा होती है।
गत दिनों आयोजित हुई इस कॉन्फ्रेंस में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा , स्पेशल डीजी, एडीजी और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुई समीक्षा में हत्या की घटनाओं के पैटर्न, कारणों और रोकथाम की रणनीति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि हत्या के पीछे के प्रमुख कारणों की पहचान कर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
समीक्षा में सामने आया कि इन वर्षो में वर्ष हत्या के सबसे अधिक मामले जबलपुर जिले में दर्ज हुए हैं। इसके बाद सागर , उज्जैन,छिंदवाड़ा,इंदौर शहर,भोपाल,मुरैना,रीवा,सिवनी तथा बैतूल में मामले दर्ज किए गए हैं। इन आंकड़ों के आधार पर टॉप-10 जिलों को चिन्हित कर संबंधित रेंज अधिकारियों को विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
मार्च, मई और अक्टूबर महीने पर विशेष फोकस
पांच वर्षो के आंकड़ों के विश्लेषण में पाया गया कि मार्च, मई और अक्टूबर महीनों में हत्या की घटनाएं अपेक्षाकृत अधिक हुई हैं। पुलिस मुख्यालय ने इन महीनों में अपराध बढ़ने के कारणों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। चर्चा के दौरान कुछ अधिकारियों ने मार्च के दौरान होली पर नशे के सेवन और उससे उपजे विवादों को भी एक संभावित कारण बताया।
बैठक में यह भी तय किया गया कि छोटे विवादों को शुरूआती स्तर पर ही गंभीरता से लिया जाए। कई मामलों में मामूली झगड़े बाद में हत्या जैसे गंभीर अपराध में बदल जाते हैं। इसलिए आईजी को कहा गया है कि वे थानों को विवादों की जड़ तक पहुंचकर समय रहते हस्तक्षेप करने के निर्देश दें।
हर घटना का होगा अध्ययन
अधिकारियों ने यह भी माना कि हत्या की घटनाओं को केवल कानून-व्यवस्था के नजरिए से नहीं, बल्कि उनके सामाजिक और स्थानीय कारणों के आधार पर भी समझने की आवश्यकता है। इसलिए हर जिले में हत्या की प्रमुख वजहों का
अलग-अलग अध्ययन कराया जाएगा।
डकैती के मामलों की भी समीक्षा
आईजी कॉन्फ्रेंस में डकैती के मामलों की भी अलग से समीक्षा की गई। पिछले पांच वर्षो में धार जिले में सबसे अधिक डकैती की वारदातें दर्ज हुई हैं। इसके बाद जबलपुर, बैतूल तथा भोपाल, इंदौर और राजगढ़ डकैती के मामले सामने आए। पुलिस मुख्यालय ने इन जिलों में भी अपराध की प्रवृत्ति का विश्लेषण कर रोकथाम के लिए विशेष रणनीति बनाने के निर्देश दिए हैं।





