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आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सम्मान कार्यक्रम में एसीएस IAS अशोक शाह को मंच पर बोलने नहीं दिया गया

ACS अशोक शाह कायम है अपने बयान पर, बोले- रिकॉर्ड चेक कर लें जो बोला तथ्यों के आधार पर

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आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सम्मान कार्यक्रम में एसीएस IAS अशोक शाह को मंच पर बोलने नहीं दिया गया

कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह में विभाग के कार्यक्रम में शनिवार को सहायिका और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सम्मान कार्यक्रम में अशोक शाह को मंच पर बोलने का मौका भी नहीं दिया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक डॉ. रामराव भोंसले ने स्वागत भाषण दिया। इसके बाद शाह को मंच पर होने के बावजूद बोलने के लिए नहीं बुलाया गया।

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कार्यक्रम को सीधे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संबोधित किया।  इसका कारण बताया जा रहा है कि ए एसी एस अशोक शाह के उस बयान को लेकर जो विवाद हुआ था उसके बाद मुख्य मंत्री कोई नया विवाद नहीं चाहते थे लेकिन शाह अपने बयान पर कायम रहते हुए नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 (NFHS-5) पढ़ने को कह रहे हैं .

महिला बाल विकास विभाग के एसीएस IAS अफसर अशोक शाह स्तनपान को लेकर दिए अपने विवादित बयान पर कायम है। शनिवार को विभाग के एक कार्यक्रम के बाद शाह ने अपने बयान पर आपत्ति जताने वाले नेताओं को नसीहत दी। उनका दावा है कि उनकी बात उन्होंने नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 (NFHS-5) के आधार पर थी। अगर किसी को आपत्ति है तो उन्हें NFHS-5 पढ़ना चाहिए।

दरअसल, शाह ने लाड़ली लक्ष्मी योजना-2 कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने कहा था कि 2005 में सिर्फ 15 प्रतिशत महिलाएं अपनी बेटियों को दूध पिलाती थी और सरकार की लाड़ली लक्ष्मी योजना के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 42 प्रतिशत तक पहुंच गया है। अशोक शाह के इस बयान पर खूब बवाल मचा था। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, पूर्व मंत्री कुसुम मेहंदेले, रंजना बघेल समेत विपक्ष के कई नेताओं ने शाह के बयान पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने इस बयान को मातृशक्ति का अपमान बताया था।

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उमा भारती ने तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से भी बात की थी। शनिवार को शाह ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह में एक कार्यक्रम में भाग लेने के बाद पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने अपने बयान पर कायम रहते हुए कहा कि मैंने जो भी कहा वह NFHS-5 के आधार पर कहा था। किसी को बिना समझे कुछ भी नहीं बोलना चाहिए। विपक्ष के लोगों को भी पहले NFHS-5 पढ़ना चाहिए।