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मासूमों का पैदल मार्च! 200 से ज्यादा बच्चे सड़कों पर उतरे, कलेक्टर से शिक्षक की बहाली का लिया वादा

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मासूमों का पैदल मार्च! 200 से ज्यादा बच्चे सड़कों पर उतरे, कलेक्टर से शिक्षक की बहाली का लिया वादा

खरगोन : मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में बुधवार को एक अनोखा और भावुक कर देने वाला दृश्य देखने को मिला, जब कक्षा 1 से 5 तक के 200 से अधिक नन्हे छात्र-छात्राएं अपने अभिभावकों के साथ गणित शिक्षक की बहाली की मांग को लेकर पैदल मार्च पर निकल पड़े। यह मार्च सरकारी सांदीपनि विद्यालय, सेगांव से शुरू हुआ और सीधे जिला मुख्यालय खरगोन की ओर बढ़ा।

दरअसल, विद्यालय के गणित शिक्षक नटवर पाटीदार को हाल ही में दसनावल गांव के एक प्राथमिक स्कूल से अटैच कर दिया गया था। इस फैसले से नाराज बच्चों और अभिभावकों ने करीब 35 किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्टर से मिलने का निर्णय लिया। मार्च सुबह करीब 11 बजे शुरू हुआ।

लाल टी-शर्ट और चेकदार स्कर्ट में सजे छोटे-छोटे बच्चे धूल भरी सड़क पर अनुशासन के साथ आगे बढ़ते नजर आए। उनके पीछे विभिन्न स्कूल यूनिफॉर्म में छात्र और बड़ी संख्या में अभिभावक चल रहे थे। यह दृश्य पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया।

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सूचना मिलते ही तहसीलदार अंतरसिंह कनेश, चौकी प्रभारी गजेंद्र चौहान एवं बीआरसी संदीप कापरनीस मौके पर पहुंचे और पालकों को समझाने का प्रयास किया।

मार्च के दौरान स्थानीय प्रशासन ने कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अडिग रहे। अभिभावक स्वाति अग्रवाल ने कहा, “हम कलेक्टर से मिलकर मेहनती और डेडिकेटेड शिक्षक को वापस लाने के लिए ही निकले हैं।”

अभिभावक कमल चौहान, अमित यादव और सुमित वर्मा ने आरोप लगाया कि शिक्षक पाटीदार बच्चों को बेहतर शिक्षा दे रहे थे और उनके हटाए जाने से पढ़ाई प्रभावित होगी। वहीं अभिभावक नानूराम यादव ने बड़ा दावा करते हुए कहा, “नटवर पाटीदार की मेहनत से स्कूल में बच्चों की संख्या 54 से बढ़कर 246 हो गई, लेकिन प्रोत्साहन देने के बजाय उन्हें हटा दिया गया।”

मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब अभिभावकों ने सामूहिक टीसी लेने की चेतावनी दी। करीब तीन किलोमीटर चलने के बाद डिप्टी कलेक्टर अनिल जैन और असिस्टेंट कमिश्नर ट्राईबल डेवलपमेंट इकबाल हुसैन आदिल ने मार्च को रोका और कलेक्टर भव्या मित्तल से फोन पर चर्चा के बाद शिक्षक की शीघ्र बहाली का आश्वासन दिया।

इसके बाद अभिभावकों ने ज्ञापन सौंपकर मार्च वापस ले लिया।

कलेक्टर भव्या मित्तल ने बताया कि स्कूल में दो शिक्षकों के बीच आंतरिक विवाद से शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा था, इसी कारण यह निर्णय लिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पाटीदार पर किसी तरह का आरोप नहीं है और उनका शैक्षणिक रिकॉर्ड बेहतर है। कलेक्टर ने पुष्टि की कि शिक्षक नटवर पाटीदार को जल्द ही पुनः उसी स्कूल में बहाल किया जाएगा।