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स्पेस इंजीनियर बनने का सपना देख रहे होनहार छात्र ने फांसी लगाई

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स्पेस इंजीनियर बनने का सपना देख रहे होनहार छात्र ने फांसी लगाई

बड़वानी: शहर में मंगलवार दोपहर एक दर्दनाक घटना हुई, जहां 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले मेधावी छात्र ने परीक्षा देकर घर लौटने के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना ने परिजनों और स्कूल समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है।

मृतक छात्र रूपांश मुझाल्दे (17) के माता–पिता शिक्षित और व्यवस्थित परिवार से हैं। माता प्रेमलता मुझाल्दे एक शासकीय स्कूल में शिक्षिका हैं, जबकि पिता जेएस मुझाल्दे उज्जैन में इंजीनियर हैं। रूपांश इकलौता था व अपने माता-पिता की उम्मीदों का केंद्र होने के साथ साथ स्पेस इंजीनियर बनने का सपना देख रहा था।

मंगलवार सुबह वह अंग्रेजी माध्यम से संचालित एक निजी स्कूल से हॉफ ईयरली की परीक्षा देकर अपने घर वापस आया। परिजनों के अनुसार रूपांश हमेशा की तरह परीक्षा के बाद सीधे अपने स्टडी रूम में चला गया। काफी देर तक जब वह कमरे से बाहर नहीं निकला और अंदर से दरवाजा भी नहीं खोला, तो परिजन चिंतित हुए। दूसरी चाबी से कमरा खोलने पर देखा कि वह फांसी पर लटका हुआ था। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

पोस्टमार्टम के दौरान उसके दोस्तों और परिवार ने बताया कि वह पढ़ाई में बेहद होनहार था। 10वीं में 94 प्रतिशत और 11वीं में 92 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। 12वीं की पढ़ाई के साथ वह आईआईटी की तैयारी भी कर रहा था। वह सोशल मीडिया से दूर रहता था और पढ़ाई पर ही पूरा ध्यान देता था।

परिजन और स्कूल स्टाफ का कहना है कि रूपांश मानसिक रूप से मजबूत और शांत स्वभाव का था। ऐसी कोई स्थिति उनके सामने नहीं आई थी, जिससे लगता कि वह परेशान है। परिवार उसकी अचानक मौत को समझ नहीं पा रहा है।

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मोबाइल और नोट्स की जांच कर यह पता लगाया जा रहा है कि घटना के पीछे कोई दबाव, तनाव या अन्य कारण तो नहीं था।