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Bharat Tex Global Expo 2024: बाग प्रिंट हस्तशिल्प कला का प्रदर्शन करेंगे MP के शिल्पकार,50 देशों के कलात्मक उत्पादों की दिखेगी झलक!

दुनिया की सबसे बड़ी कपड़ा प्रदर्शनी भारत टेक्स-2024 का प्रधानमंत्री श्री मोदी करेंगे उद्घाटन

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Bharat Tex Global Expo 2024: बाग प्रिंट हस्तशिल्प कला का प्रदर्शन करेंगे MP के शिल्पकार,50 देशों के कलात्मक उत्पादों की दिखेगी झलक!

भोपाल: दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम एवं यशोभूमि में 26 से 29 फरवरी तक भारत टेक्स ग्लोबल एक्सपो-2024 का आयोजन वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा किया जा रहा है। यह मध्यप्रदेश के लिए गौरव की बात है कि इस एक्स्पो में बाग प्रिंट के राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित युवा मास्टर शिल्पकार मोहम्मद बिलाल खत्री एवं काज़ीम खत्री अपने कलात्मक उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे।

मोहम्मद बिलाल खत्री और क़ाज़िम खत्री का नायाब संकलन 26 से 29 फरवरी तक देखा जा सकता है

यह शिल्पकार मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल धार जिले के छोटे से कस्बे बाग की परम्परागत बाग प्रिंट हस्तशिल्प कला का प्रत्यक्ष प्रदर्शन करेंगे। साथ ही मास्टर क्लासेस देकर बाग प्रिंट की बारीकियों से देश दुनिया से आये मेहमानों को मध्यप्रदेश की बाग प्रिंट हस्तकला से रूबरू करेंगे। बाग प्रिंट डिजाइनों का नायाब संकलन भारत टेक्स ग्लोबल एक्स्पो, नई दिल्ली में 26 से 29 फरवरी 2024 तक देखा जा सकता है।

दुनिया के सबसे बड़े एक्स्पो में जाना सौभाग्य की बात

श्री बिलाल ने बताया कि दुनिया के सबसे बड़े एक्स्पो में जाना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। इससे बाग प्रिंट ठप्पा छपाई का प्रमोशन होगा। देश दुनिया में बड़ा मार्केट तैयार होगा। श्री बिलाल कहते हैं प्रधानमंत्री मोदी जी भारत की परंपरागत कलाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिये सदैव प्रयासरत रहते हैं। इस बड़े मंच में हमें अवसर दिया गया, हम प्रधानमंत्री जी के शुक्रगुजार हैं।

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50 देशों के लोग सम्मिलित होंगे

भारत को कपड़ा क्षेत्र में वैश्विक गंतव्य बनाने के लिए भारत टेक्स ग्लोबल एक्सपो-2024 का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम भारत को वस्त्र और फैब्रिक क्षेत्र में महाशक्ति के रूप में स्थापित करेगा। स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाज़ार से जोड़कर अर्थव्यवस्था का उद्यमियों को शिल्पकारों, कारीगरों बुनकरों को सशक्त करेगा। इसमें 50 देशों के 3 हज़ार से अधिक और 40 हजार से अधिक स्वदेशी ग्राहकों की भागीदारी होने की संभावना है। भारत के 28 राज्य एक्सपो में भागीदारी करेंगे।

बिलाल खत्री ने दी बाग प्रिंट को अंतर्राष्ट्रीय पहचान

मध्यप्रदेश में बाग प्रिंट सदियों पुरानी परंपरा का एक अटूट हिस्सा रहा है। बाग की इतिहास 1000 साल पुराना है। बाग प्रिंट धार के एक छोटे से कस्बे बाग पर आधारित है। बाग के युवा मास्टर क्राफ्ट्समेन मोहम्मद बिलाल खत्री ने बाग प्रिंट हस्तकला को नई पहचान दी। वे देश एवं विदेशो में जाकर बाग प्रिंट की मास्टर क्लासेस देते हैं। इस हस्तशिल्प कला के लिए बिलाल को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

बाग प्रिंट हस्तशिल्प कला को विलुप्त होने से बचाने में पूरा जीवन किया समर्पित

मोहम्मद बिलाल खत्री के दादा इस्माईल खत्री बाग प्रिंट के जनक है। पिता शिल्प गुरु मोहम्मद युसूफ खत्री ने बाग प्रिंट हस्तशिल्प कला को विलुप्त होने से बचाने में संघर्ष के साथ पूरा जीवन समर्पित किया। उन्होंने हज़ारो शिल्पियों को बाग प्रिंट हस्तशिल्प कला का हुनरमंद बनाया है।

शासन-प्रशासन ने कला को निरंतर प्रोत्साहित किया

मोहम्मद बिलाल खत्री ने बताया कि 25 वर्ष पूर्व ज्यादातर कॉटन पर ही प्रिंट किया जाता था। लेकिन अब सिल्क, कोसा, शिफान, क्रेप आदि वस्त्रों पर यह छपाई होने लगी है। यहाँ के प्रशासन और सरकार ने भी इस कला को प्रोत्साहित किया है। सरकार ने बाग प्रिंट के प्रदर्शन और विपणन के लिए शिल्पियों को देश के बाहर विदेशों की यात्रा करवाई है।

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विदेशों में भी बाग प्रिंट अपनी लोकप्रियता का परचम लहरा रहा है

आज रूस, चाइना, हॉलैंड, स्पेन, अमेरिका, सूडान, श्रीलंका, सिंगापुर, इंग्लैंड, फ्रांस, जर्मनी, पेरिस, बेल्जियम, चीन, दुबाई, ब्राजील, बहरीन आदि कई देशों में बाग प्रिंट अपनी लोकप्रियता का परचम लहरा रहा है। विदेशों में भी बाग प्रिंटरों को कई तरह के अवार्ड मिल चुके हैं।

बाग प्रिंट में नवाचारों का किया समावेश

दुनिया में बाग की पहचान बाग प्रिंट और बाग गुफाओं से है। दोनों का समन्वय कर बाग प्रिंट की बेहतरीन कलाकृति तैयार करने वाले युवा शिल्पी मोहम्मद बिलाल खत्री ने अभिनव प्रयोग किया। अब तक कपड़ों पर छपाई परंपरागत ठप्पों (ब्लॉक्स) से की जाती रही हैं। लेकिन बाग के इस शिल्पी ने ताज़ महल, लाल किला तथा 5वीं से 7वीं शताब्दी की पुरातन बाग गुफा की नक्कासी व चित्रकारी को कपड़े पर उकेरकर नया प्रयोग किया। साथ ही बाँस की चटाई और चमड़े पर भी बाग प्रिंट की कलाकृतियाँ उकेर दी।