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Bhopal News: बदलते मौसम ने बढ़ाई सेहत की चिंता…हमीदिया और जेपी अस्पतालों की OPD में इजाफा

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Bhopal News: बदलते मौसम ने बढ़ाई सेहत की चिंता…हमीदिया और जेपी अस्पतालों की OPD में इजाफा

भोपाल। तेज गर्मी, उमस और अचानक हो रही बारिश के कारण मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। इसका सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। अस्पतालों में सर्दी-जुकाम, बुखार, गले में संक्रमण, वायरल बुखार, शरीर दर्द और पेट संबंधी समस्याओं से परेशान लोग बड़ी संख्या में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।

चिकित्सकों के अनुसार दिन में तेज धूप और गर्मी के बाद अचानक बारिश तथा तापमान में उतार-चढ़ाव होने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो रही है, जिससे संक्रमण और वायरल बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में बदलाव के दौरान लोगों की छोटी-छोटी लापरवाहियां भी बीमारी का कारण बन रही हैं। धूप से लौटने के तुरंत बाद ठंडे पेय पदार्थों का सेवन, बारिश में भीगने के बाद कपड़े न बदलना और खानपान में सावधानी न बरतना स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। हमीदिया आरे जेपी सहित शहर के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को उपचार के साथ-साथ बचाव संबंधी जानकारी भी दी जा रही है।

चिकित्सक लोगों को पर्याप्त पानी पीने, ताजा और स्वच्छ भोजन करने, बाहर के खुले खाद्य पदार्थों से बचने तथा मौसम के अनुसार कपड़े पहनने की सलाह दे रहे हैं।

0 ऐसे मौसम मं रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ती है

डॉक्टरों का कहना है कि मौसम में अचानक बदलाव से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है। इसका सबसे ज्यादा असर अस्थमा और एलर्जी के मरीजों पर पड़ रहा है। हवा में बढ़ते प्रदूषण और धूल के कणों के कारण सांस लेने में तकलीफ, खांसी, गले में खराश और सीने में जकड़न जैसी शिकायतें आम हो गई हैं।

0 बारिश और उमस बन रही परेशानी

चिकित्सकों के अनुसार बारिश क बाद तेज धूप और उमस होने से सबसे ज्यादा असर सांस और ब्लडप्रेशर के मरीजां पर पड़ रहा ह। जिला अस्पताल की ओपीडी में आने वाले करीब 40 से 50 प्रतिशत मरीज इन बिमारियों और संक्रमण से पीड़ित बताए जा रहे हैं।

 

0ओपीडी में ऐसे बढ़े मरीज..

लक्षण : मरीजों में वृद्धि

सांस फू लना : 40 प्रतिशत वृद्धि

थकावट और चक्कर आना : 30 प्रतिशत वृद्धि

सीने में भारीपन : 25 प्रतिशत वृद्धि

तेज धड़कन : 20 प्रतिशत वृद्धि

आम लोगों से की चर्चा