WhatsApp Image 2025 08 07 At 9.31.47 PM
Home खबरों की खबर

Big Action Of NIA: पाकिस्तान के लिए जासूसी मामले में 8 राज्यों में 15 जगहों पर छापेमारी

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले लोगों की धड़-पकड़ के लिए सर्च अभियान तेज

447

Big Action Of NIA: पाकिस्तान के लिए जासूसी मामले में 8 राज्यों में 15 जगहों पर छापेमारी

नई दिल्ली: Big Action Of NIA: राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NIA) ने पाकिस्तान के लिए जासूसी मामले में 8 राज्यों में 15 जगहों पर छापेमारी की है। पैसे देने के बदले खुफिया जानकारियों को हासिल करने के नेटवर्क पर NIA कड़ा प्रहार करने में जुटी हुई है। उसी सिलसिले में यह छापेमारी की गई है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले लोगों की धड़-पकड़ के लिए सर्च अभियान तेज कर दिया गया है.

NIA ने पाकिस्तान समर्थित जासूसी नेटवर्क के खिलाफ आठ राज्यों में ताबड़तोड़ छापेमारी की है। दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, असम और पश्चिम बंगाल में की गई कार्रवाई में कई संवेदनशील दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और वित्तीय कागजात जब्त किए गए हैं.

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले लोगों की धड़-पकड़ के लिए सर्च अभियान तेज कर दिया गया है.

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शनिवार को पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क से जुड़े मालमे में आठ राज्यों में 15 जगहों पर छापेमारी की. ये छापे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों (PIOs) से जुड़े संदिग्धों के ठिकानों पर मारे गए.

NIA को जांच के दौरान संवेदनशील सामग्री मिली है। साथ ही कई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और फाइनेंशियल डॉक्यूमेंट्स को जब्त कर लिया गया है.

NIA को ऐसे दस्तावेज मिले हैं जो इस बात की पुष्टि करती है कि गोपनीय जानकारी के बदले पैसे दिए गए हैं.

NIA के अनुसार, जिन लोगों के यहां छापेमारी की गई है वे पाकिस्तानी एजेंटों को वित्तीय सहायता प्रदान करने का काम करते थे.

 *क्या है पूरा मामला?*

NIA ने 20 मई, 2025 को आरसी-12/2025/एनआईए/डीएलआई केस दर्ज किया गया था. इस केस के तहत गिरफ्तार किए गए एक आरोपी 2023 से लगातार पाकिस्तान के एजेंटों के संपर्क में था. जो राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारियां साझा कर रहा था.

हाल के दिनों में देशभर के कई राज्यों से ऐसे लोगों पर कथित तौर पर आरोप लगे हैं कि वह पाकिस्तान के लिए जासूसी का काम कर रहे और गोपनीय जानकारियां शेयर कर रहे हैं.