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Big Decision of Court: जेल में कैदी की मौत मामले में भोपाल जिला अदालत का बड़ा फैसला, जेलर, TI, डॉक्टर समेत 7 पर चलेगा हत्या का केस

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MLA in MP Punished
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Big Decision of Court: जेल में कैदी की मौत मामले में भोपाल जिला अदालत का बड़ा फैसला, जेलर, TI, डॉक्टर समेत 7 पर चलेगा हत्या का केस

जिला कोर्ट ने सभी आरोपियों की रिवीजन याचिका की खारिज

भोपाल: Big Decision of Court: जेल में कैदी की मौत मामले में भोपाल जिला अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए जेलर, TI, डॉक्टर समेत 5 पर हत्या का केस चलने का आदेश दिया है। इन सभी ने जिला कोर्ट ने रिवीजन याचिका लगाई थी जिसे खारिज कर दिया गया है। अब सभी के खिलाफ हत्या, साक्ष्य मिटाने और आपराधिक षड्यंत्र के तहत मुकदमा चलेगा। कोर्ट ने सभी के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर पेश होने के आदेश दिए है।

ज्ञात रहे कि भोपाल निवासी विचाराधीन कैदी 24 साल के मोहसिन खान की 23 जून 2015 को ग्वालियर के जेएच अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मोहसिन की माँ ने प्राइवेट कंप्लेंट फाईल की थी। पिछले साल अगस्त माह में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मनीष मिश्रा ने हत्या और अपराधिक साजिश रचने का आदेश देकर जेलर सहित अन्य के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था. इसके खिलाफ रिवीजन पीटीशन दायर हुईं थी। जिसे अपर सत्र न्यायाधीश प्रीति साल्वे ने ख़ारिज कर दिया। अब तब के टीटी नगर थाना प्रभारी मनीषराज सिंह भदौरिया, भोपाल के तत्कालीन जेलर आलोक वाजपेयी ( वर्तमान में इंदौर जेल में पदस्थ), हमीदिया के मनोरोग विभाग में पदस्थ डॉक्टर आर एन साहू, ASI डी एल यादव (सेवानिवृत्त), क्राइम ब्रांच के आरक्षक मुरली, चिरोंजी लाल और दिनेश खजुरिया के खिलाफ हत्या और 120 बी के तहत मुकदमा चलेगा. यह सभी आरोपी अभी भी जेल और थानो में पदस्थ हैं।

मोहसिन के परिवार वालो के अनुसार 3 जून 2015 को क्राइम ब्रांच के आरक्षक थाने में पूछताछ के लिये ले गये और फिर दो लाख की मांग की। रुपया नहीं देने पर मोहसिन के साथ टीटी नगर थाने में मारपीट की गई और उसके प्राइवेट पार्ट में करंट लगाया गया. झूठा लूट का मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया। जहाँ जेल में भीं मारपीट की गई और इलाज मुहैया नहीं कराया। जेल से मोहसिन को हमीदिया अस्पताल भेजा गया जहाँ मेडिकल ऑफिसर ने मोहसिन को मनोरोगी घोषित कर उसे जयारोग अस्पताल ग्वालियर रिफर कर दिया था।