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BJP’s Election Preparations : परिसीमन की स्थिति भांपते हुए विधानसभा चुनाव को लेकर भजपा की नई रणनीति!

भाजपा का लोकसभा की तरह विधानसभा में भी सभी सीटें जीतने का लक्ष्य, पचमढ़ी में भी इस पर चिंतन!

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BJP’s Election Preparations : परिसीमन की स्थिति भांपते हुए विधानसभा चुनाव को लेकर भजपा की नई रणनीति!

 

Bhopal : भाजपा के पचमढ़ी में हुए तीन दिन के प्रशिक्षण वर्ग में पार्टी ने अपने विधायकों को यह टारगेट दिया है कि वे अपने विधानसभा क्षेत्र के उन वर्गों से बातचीत कर संपर्क बनाएं, जो हार-जीत तय करते हैं। भाजपा ने उन सीटों को इस लिस्ट में रखा है, जो सामान्य है, लेकिन वहां की हार जीत में दलितों या आदिवासी वर्ग के वोटर महत्वपूर्ण भूमिका में है। इस चर्चा से साफ है कि आने वाले समय में परिसीमन में इन 45 अनारक्षित विधानसभाओं में से कुछ सीटें आरक्षित हो सकती हैं।

इन्हें लेकर भाजपा गंभीर है और परिसीमन के बाद होने वाले चुनाव की तैयारी में जुट गई। गौरतलब है कि प्रदेश की कुल 230 विधानसभा सीटों में एससी के लिए आरक्षित सीटों की संख्या 35 हैं। इनमें कांग्रेस के एससी विधायक 9. भाजपा के एससी विधायक 26 हैं। वहीं एसटी के लिए आरक्षित सीटें 47 हैं। इनमें कांग्रेस के एसटी विधायक 22, भाजपा के एसटी विधायक 24 और अन्य दल के एसटी विधायक 3 है।
भाजपा की कोशिश है कि आगामी विधानसभा में इन सीटों पर पार्टी का प्रदर्शन और बेहतर हो। इसके लिए अभी से रणनीति बनाकर काम किया जा रहा है। समूह चर्चा में विधायकों से कहा गया कि अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के लिए जो क्षेत्र आरक्षित है, वहां के विधायकों को अनुसुचित जाति, आदिवासी वर्ग के लोगों के बीच जाकर ये जानने का प्रयास करना चाहिए कि क्या उन्हें शासन की योजना का पात्रता के अनुसार फायदा मिल रहा है या नहीं! लोगों, युवाओं, महिलाओं और स्थानीय स्तर पर किसानों से बातचीत कर यह जानने की कोशिश करें कि वे सरकार से क्या चाहते हैं? भाजपा से इन वर्गों की क्या अपेक्षा है? उनकी परेशानियां क्या है!

पचमढ़ी की बैठक में इस बात पर खासा जोर दिया गया, कि जिन वर्गों के मतदाता प्रभावशाली भूमिका में हैं यदि वे किसी और दल के साथ जुड़े हैं तो उन्हें जोड़ने का प्रयास करें। पढ़े-लिखे युवाओं, और दलित वर्ग के इंजीनियर डॉक्टर, वकील, व्यवसाथियों को ओडने का प्रयास करें। यदि आप नहीं जोड़ेंगे तो कोई और उन्हें अपने साथ जोड़ लेगा।