WhatsApp Image 2025 08 07 At 9.31.47 PM
Home खबरों की खबर

Case of police brutality in Samastipur: थानेदार समेत 3 निलंबित

258
WhatsApp Image 2026 01 15 At 18.16.55

Case of police brutality in Samastipur: थानेदार समेत 3 निलंबित

Samastipur: बिहार के समस्तीपुर जिले से पुलिस हिरासत में बर्बरता और जबरन वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। चोरी के शक में हिरासत में लिए गए एक युवक ने पुलिस पर चार दिनों तक अवैध हिरासत, अमानवीय यातना और रिश्वत मांगने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला उजागर होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक ने त्वरित कार्रवाई करते हुए थानेदार सहित तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।

● चोरी की शिकायत से शुरू हुआ मामला

घटना की शुरुआत 28 दिसंबर की रात ताजपुर थाना क्षेत्र के नीम चौक स्थित एक ज्वेलरी दुकान में चोरी की शिकायत से हुई। दुकान से 28 किलो चांदी और 60 ग्राम सोना चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। दुकान मालिक ने शक के आधार पर अपने कर्मचारी मनीष कुमार सहित दो अन्य कर्मचारियों को पुलिस के हवाले कर दिया। मनीष करीब एक महीने से दुकान में काम कर रहा था।

● चार दिन तक अवैध हिरासत और यातना के आरोप

पीड़ित मनीष का आरोप है कि उसे 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक थाने में अवैध रूप से हिरासत में रखा गया। इस दौरान उससे चोरी कबूल करवाने के लिए बेरहमी से मारपीट की गई। युवक का दावा है कि पुलिस ने उसके प्राइवेट पार्ट्स पर पेट्रोल डालकर यातना दी, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। जमानत पर रिहा होने के बाद उसे पहले रेफरल अस्पताल और फिर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।

● परिवार से जबरन वसूली का आरोप

पीड़ित की मां संगीता देवी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मनीष के पिता और पत्नी को भी तीन दिनों तक थाने में बैठाए रखा। घर की तलाशी के बावजूद कोई चोरी का सामान नहीं मिला, इसके बावजूद उन्हें छोड़ने के बदले 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की गई। इन आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया।

● दुकानदार की भूमिका भी संदेह में

पीड़ित के बयान के आधार पर ज्वेलरी दुकान के मालिक की भूमिका भी जांच के घेरे में आ गई है। मनीष का आरोप है कि पुलिस को सौंपने से पहले दुकान मालिक ने उसे और अन्य कर्मचारियों को दुकान की छत पर ले जाकर लोहे की रॉड और पाइप से पीटा और जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में पहले हिरासत में लिए गए दो अन्य कर्मचारियों को बाद में जमानत पर छोड़ दिया गया था।

● एसपी की सख्त कार्रवाई, तीन पुलिसकर्मी निलंबित

मामले की शिकायत मिलने पर समस्तीपुर एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने जांच के आदेश दिए। प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद तत्कालीन थानेदार शंकर शरण दास, जांच अधिकारी राजवंश कुमार और कांस्टेबल राहुल कुमार को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

● मानवाधिकार और कानून व्यवस्था पर सवाल

यह मामला पुलिस हिरासत में मानवाधिकारों की सुरक्षा, जबरन वसूली और सत्ता के दुरुपयोग पर गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रशासन का कहना है कि जांच निष्पक्ष रूप से की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।