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Clouds Burst: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में फटे बादल, भारी तबाही, 15 लोगों की मौत; कई बहे लोगों की खोज जारी

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Clouds Burst: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में फटे बादल, भारी तबाही, 15 लोगों की मौत; कई बहे लोगों की खोज जारी

राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर

किश्तवाड़ (जम्मू-कश्मीर)। माचैल माता यात्रा मार्ग पर स्थित किश्तवाड़ जिले के चशोटी क्षेत्र में गुरुवार दोपहर अचानक बादल फटने की घटना हुई, जिससे तेज बाढ़ और भारी तबाही मची है।

इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 15 लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई लोग बह गए हैं और उनकी खोज की जा रही है। प्रभावित क्षेत्र में धार्मिक यात्रा चल रही थी, जिसकी वजह से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग चशोटी गांव में एकत्रित थे।

घटना के तुरंत बाद जिला प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है। पुलिस, सेना, रैस्क्यू दल जैसे एनडीआरएफ व एसडीआरएफ कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे हुए हैं और लापता लोगों की खोज में जुटे हैं।

देखिए क्या कह रहे हैं केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह-

 

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और प्रभावितों को आवश्यक मदद मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही केंद्र सरकार के राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह, स्थानीय विधायक सुनील कुमार शर्मा और अन्य अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

 

मौसम विभाग ने क्षेत्र में भारी बारिश और अन्य आपदाओं की चेतावनी जारी की है, इसलिए प्रशासन सतर्क है और सतत निगरानी रखी जा रही है।

मुख्य बिंदु:

1. किश्तवाड़ के चशोटी में बादल फटना और भारी फ्लैश फ्लड्स की घटना।
2. लगभग 15 लोगों के मरने की पुष्टि, कई लापता व बह गए।
3. घटना उस समय हुई जब माचैल माता की धार्मिक यात्रा चल रही थी।
4. प्रशासन, पुलिस, सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ ने तेज़ी से राहत, बचाव और खोज अभियान शुरू किया।
5. जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने संवेदना जताई और सहायता के आदेश दिए।
6. केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह और स्थानीय विधायक सुनील कुमार शर्मा राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
7. मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे बचाव कार्य और जटिल हो सकते हैं।

यह घटना माचैल माता यात्रा मार्ग की सुरक्षा और पर्यावरणीय सुरक्षा की चुनौतियों पर भी सवाल खड़ा करती है। प्रशासन और प्रशासनिक टीम प्रभावितों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है, और सभी जरूरी संसाधन मुहैया कराए जा रहे हैं।