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Collector Reached School : भूखे-प्यासे पैदल कलेक्ट्रेट आए बच्चों की बात सुनने कलेक्टर स्कूल पहुंचे!

कलेक्टर ने स्कूल के प्रांगण में खड़े होकर हॉस्टल के छात्रों से बातचीत की!

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Collector Reached School : भूखे-प्यासे पैदल कलेक्ट्रेट आए बच्चों की बात सुनने कलेक्टर स्कूल पहुंचे!

Indore : कलेक्टर इलैया राजा टी आज देर शाम मोरोद के शासकीय ज्ञानोदय आवासीय स्कूल पहुंचे। वहां उन्होंने बच्चों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना। ये बच्चे आज भूखे-प्यासे 20 किलोमीटर पैदल चलकर उनके ऑफिस में अव्यवस्थाओं की शिकायत करने आए थे। कलेक्टर ने स्कूल के प्रांगण में खड़े होकर हॉस्टल के छात्रों से बातचीत की। बताते हैं कि कलेक्टर ने छात्रों के अनुरोध पर होटल का भी मुआयना किया।

आज दोपहर शासकीय ज्ञानोदय आवासीय स्कूल के छात्र स्कूल और हॉस्टल की शिकायत करने पैदल चलकर कलेक्ट्रेट तक आए थे। उन्होंने बताया था कि उनकी खाने-पीने और रहने की व्यवस्था बहुत खराब है। कोई ध्यान नहीं दिया जाता। इस प्रदर्शन में 100 से ज्यादा बच्चे शामिल थे। इन बच्चों का कहना है कि हॉस्टल में दाल सब्जी और रोटी कच्ची दी जाती है। कई बार कहने पर भी सुधार नहीं हुआ। सोने के लिए बिस्तर पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने प्रिंसिपल और हॉस्टल वार्डन की शिकायत की थी। कलेक्टर ने कहा था कि आज शाम वे उनके स्कूल आएंगे और व्यवस्थाएं देखेंगे। बच्चों से किए उसी वादे के तहत वे स्कूल पहुंचे।

स्कूल से कलेक्ट्रेट तक पहुंचे ये छात्र इतने नाराज थे कि उनसे रास्ते में मिलने पहुंचे एडीएम राजेश राठौर से भी वे नहीं माने। स्थिति बिगड़ती देखकर कलेक्टर को जन सुनवाई छोड़कर छात्रों से बातचीत करने आना पड़ा। कलेक्टर ने बच्चों की सभी बातों को सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि इस मामले की जांच एडीएम राजेश राठौर करेंगे।

कलेक्टर ने छात्रों से कहा मैं शाम को हॉस्टल आकर व्यवस्था देखूंगा। मामले में जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी। इसलिए वे देर शाम स्कूल पहुंचे थे। उन्होंने घायल छात्र विपिन को लेकर कहा कि उसका इलाज प्रशासन द्वारा कराया जाएगा। अभी तक इलाज में जितने भी रुपए लगे हैं, वह परिजन को दिए जाएंगे। सोमवार को स्कूल की तीसरी मंजिल से गिरकर विपिन नाम का छात्र गंभीर घायल हो गया था। स्टूडेंट्स ने स्कूल प्रबंधन को इस हादसे का जिम्मेदार ठहराया और प्रबंधन पर कई आरोप भी लगाए। कलेक्टर की बातों से आश्वस्त होकर बच्चों ने वापस स्कूल जाना स्वीकार किया। कलेक्टर से सभी को नाश्ता करवाया और बस से स्कूल भेजा था।