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Dewas Cracker Blast: हो रहे हैं नए खुलासे- क्या एक माह 6 दिन तक पटाखा फैक्ट्री का होता रहा अवैध संचालन…?

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Dewas Cracker Blast: हो रहे हैं नए खुलासे- क्या एक माह 6 दिन तक पटाखा फैक्ट्री का होता रहा अवैध संचालन…?

फैक्ट्री में अनुमति से कई गुना अधिक पटाखा और बारूद रखा मिला- बड़ा सवाल प्रशासन ने पहले से जांच क्यों नहीं की?

देवास: Dewas Cracker Blast: देवास जिले के टोंक खुर्द में कल हुए दर्दनाक फटाका ब्लास्ट दुर्घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

सबसे बड़ा सवाल- क्या एक माह 6 दिन तक पटाखा फैक्ट्री का होता रहा अवैध संचालन…? फैक्ट्री में अनुमति से कई गुना अधिक पटाखा और बारूद रखा मिला- बड़ा सवाल- प्रशासन ने पहले से जांच क्यों नहीं की?

गुरुवार सुबह टोंककला स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट मामले में मौतों का आंकड़ा 05 तक पहुंच गया है। कल रात धीरज, सुमित और सन्नी के बाद अमलतास हॉस्पिटल में इलाजरत 2 मजदूर अमर और गुड्डू ने भी दम तोड़ा। बताया गया है कि धमाके में दोनों 99% झुलस गए थे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतकों में 4 मजदूर बिहार और एक उत्तर प्रदेश निवासी था।

गिरफ्तार फैक्ट्री संचालक आरोपी अनिल मालवीय निवासी पीपलरावां जिला देवास से पुलिस पूछताछ जारी है। DM ने मालवीय को रासुका में निरुद्ध करने के आदेश भी दिए हैं। बिहार निवासी मैनेजर एजाज खान को भी गिरफ्तार किया गया है।

बताया गया है कि फैक्ट्री में बिहार से कई मजदूर देवास लाए गए थे। मजदूरों में कुछ नाबालिग़ भी थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार मामले में टोंकखुर्द थाना पुलिस ने 4 आरोपियों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है।

सूत्रों से मिले जानकारी के अनुसार फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय के नाम जारी अलग- अलग लाइसेंस में जिला प्रशासन ने 15-15 KG बारूद और 600-600 KG पटाखा स्टॉक की अनुमति दी थी। इसके बावजूद फैक्ट्री में अनुमति से कई गुना अधिक पटाखा और बारूद का उपयोग किया जा रहा था और यह स्टॉक में रखा भी मिला जिसे टनों में बरामद भी किया गया है।

सबसे बड़ी बात यह है की फैक्ट्री का लाइसेंस 31 मार्च को समाप्त हो गया था जिसका 06 मई को रिनिवल हुआ। यानी बिना लाइसेंस अनुमति के

01 माह 6 दिन तक फैक्ट्री का अवैध संचालन होता रहा। इसके लिए क्या किसी की जवाबदेही नहीं होती है? क्या शासन और प्रशासन ने इस मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करना चाहिए?