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Digital Data: The New Tool for Crimes : लारेंस बिश्नोई गैंग ने तलाशा शिकार पहचानने का नया तरीका, डिजिटल डाटा बना अपराध का हथियार!

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Digital Data: The New Tool for Crimes : लारेंस बिश्नोई गैंग ने तलाशा शिकार पहचानने का नया तरीका, डिजिटल डाटा बना अपराध का हथियार!

Bhopal : डिजिटल डाटा अब अपराधियों के लिए एक नया और घातक हथियार बन गया है। हाल ही में मध्य प्रदेश में लॉरेंस बिश्नोई गैंग द्वारा डिजिटल डाटा का उपयोग करके शिकार (Victims) पहचानने का नया तरीका सामने आया है। अपराधी अब आपकी ऑनलाइन जानकारी, सोशल मीडिया प्रोफाइल और निजी डाटा का इस्तेमाल करके अपराधों की योजना बना रहे हैं।मध्य प्रदेश में हाल ही में सक्रिय हुए लॉरेंस बिश्नोई और उसके करीबी हैरी बॉक्सर गिरोह की कार्यप्रणाली को लेकर पुलिस को अहम् जानकारी मिली है। जब अपराधी कारोबारी के परिवार या स्टाप की निजी जानकारी सांझा करता हैं तो वह डर जाता हैं। बता दें कि इस गिरोह की रंगदारी मांगने को लेकर मध्य प्रदेश में 1 महीने में 5 जिलों में 6 एफ आई आर दर्ज की गई हैं। इस दौरान इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, अशोक नगर और खरगोन में रंगदारी मांगने की जांच को लेकर एस आई टी गठित की गई हैं।

इंटरनेट मीडिया और किशोरों का इस्तेमाल!
जांच टीम में शामिल अधिकारी के मुताबिक बिश्नोई गैंग के सदस्य विशेष रूप से राजस्थान के 15 से 19 वर्ष के किशोरों को भर्ती कर रहा है इंटरनेट मीडिया पर गैंगस्टर की आकर्षक लाइफस्टाइल देखकर ये युवा आकर्षित होते हैं अशोक नगर में पकड़ाया 19 वर्षीय मनीष जांगिड़ इसका उदाहरण है।

जब अपराधी कारोबारी के परिवार या स्टाप की निजी जानकारी सांझा करता हैं तो वह डर जाता हैं। बता दें कि इस गिरोह की रंगदारी मांगने को लेकर मध्य प्रदेश में 1 महीने में 5 जिलों में 6 एफ आई आर दर्ज की गई हैं। इस दौरान इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, अशोक नगर और खरगोन में रंगदारी मांगने की जांच को लेकर एस आई टी गठित की गई हैं।

क्या कहते हैं एसपी!
पुलिस ने अब तक 3 गुर्गों दिनेश सुथार, पवन शर्मा और मनीष जांगिड़ को गिरफ्तार किया है पुलिस अब इंटरनेट के जरिए हों रहीं बातचीत और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही हैं!
राजीव मिश्रा,
SP अशोक नगर