WhatsApp Image 2025 08 07 At 9.31.47 PM
Home खबरों की खबर

Doctor’s Miracle: दुनिया में पहली बार गर्भ में पल रहे बच्‍चे की ब्रेन सर्जरी

1423
Doctor's Miracle:

Doctor’s Miracle: दुनिया में पहली बार गर्भ में पल रहे बच्‍चे की ब्रेन सर्जरी

 दुनिया में पहली बार गर्भ में पल रहे भ्रूण की ब्रेन सर्जरी की गई। डॉक्टरों ने ‘वेन ऑफ गैलेन मालफॉर्मेशन’ (वीओजीएम) नामक एक दुर्लभ स्थिति का इलाज करने के लिए बच्चे के जन्म से पहले उसके मस्तिष्क की सर्जरी की। वीओजीएम रक्त वाहिकाओं से जुड़ी एक असामान्यता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह समस्या तब होती है, जब दिमाग की धमनियां सीधे नसों से जुड़ती हैं। इसके कारण रक्त का प्रवाह असामान्य हो जाता है और नवजात शिशुओं में कंजेस्टिव हार्ट फेल्योर हो सकता है, साथ ही हृदय से फेफड़ों तक धमनियों में रक्तचाप बढ़ सकता है।

यह सर्जरी अमेरिका के बोस्टन चिल्ड्रेन्स हॉस्पिटल और ब्रिघम एंड वीमेंस हॉस्पिटल के सर्जनों द्वारा की गई थी। सर्जरी के लिए एम्बोलाइजेशन नामक सर्जिकल तकनीक का इस्तेमाल किया गया था। स्ट्रोक पत्रिका में सर्जरी से संबंधित विवरण प्रकाशित किया गया है। इसमें कहा गया है कि सर्जरी सफल रही और असामान्यता ठीक हो गई। साइंस अलर्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चे का जन्म सर्जरी के बाद हुआ। वह अच्छी तरह बढ़ रहा है। कोई दवा नहीं ले रहा है। उनकी डाइट नॉर्मल है और वजन भी बढ़ रहा है। बच्चा घर आ गया है। उनके दिमाग में सर्जरी के कोई नकारात्मक संकेत नहीं हैं।

Representational Image

‘वेन ऑफ गैलेन मालफॉर्मेशन’ नामक असामान्यता 60,000 में से एक को प्रभावित करती है। रक्त प्रवाह असामान्य हो जाता है जब मस्तिष्क की धमनियां कोशिकाओं के बजाय सीधे नसों से जुड़ती हैं। इस वजह से बच्चे के जन्म के बाद उसमें कई तरह के हानिकारक प्रभाव देखने को मिलते हैं। डॉक्टरों का मानना है कि इस स्थिति से प्रभावित 50 से 60 प्रतिशत बच्चे जन्म के तुरंत बाद बीमार हो जाते हैं। इसमें मृत्यु दर भी 40 फीसदी है।

जानिए रोजाना मूंग की दाल खाने के के फायदे 

सर्जरी तब की गई थी जब भ्रूण की उम्र 34 सप्ताह से थोड़ी अधिक थी। डॉक्टरों द्वारा उपयोग की जाने वाली एम्बोलिज़ेशन नामक तकनीक में, विशेष सामग्री को नस में डाला जाता है, जैसे क्लॉटिंग एजेंट। यह रक्त को जमने में मदद करता है और इसे बहने से रोकता है। ऑपरेशन के कारण बच्चे का जन्म समय से पहले हो गया था। जन्म के बाद उसका दिमाग और दिल ठीक से काम करने लगा। बच्चा समय से पहले पैदा हुआ था, इसलिए उसे कुछ हफ्तों के लिए आईसीयू में रखा गया था।

Mother Day 2023:हिंदू शास्त्रों में मां,हर मां के लिए प्रेरणा स्त्रोत-भारत की महान माताएं