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ED के हाथ लगा खजाना: गैंगस्टर इंदरजीत नेटवर्क से 17 करोड़ के जेवर और 6 करोड़ कैश जब्त

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ED के हाथ लगा खजाना: गैंगस्टर इंदरजीत नेटवर्क से 17 करोड़ के जेवर और 6 करोड़ कैश जब्त

New Delhi : राजधानी दिल्ली में प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए भारी मात्रा में नकदी और कीमती आभूषण बरामद किए हैं। फरार गैंगस्टर इंदरजीत सिंह यादव से जुड़े ठिकानों पर लगातार तीन दिनों तक चली कार्रवाई के तीसरे दिन ईडी को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस छापेमारी में करोड़ों की अवैध संपत्ति सामने आने के बाद एजेंसी अब पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुट गई है।

*● तीन दिन की छापेमारी में करोड़ों की रिकवरी* 

▫️ED की गुरुग्राम यूनिट द्वारा की गई इस कार्रवाई में अब तक 6 करोड़ रुपये से अधिक नकद राशि और करीब 17 करोड़ रुपये मूल्य के सोने और हीरे के आभूषण जब्त किए गए हैं। इसके साथ ही 35 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी टीम के हाथ लगे हैं। अधिकारियों के अनुसार यह आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है, क्योंकि डिजिटल डिवाइस और दस्तावेजों का विश्लेषण किया जाना बाकी है।

*● इंदरजीत के करीबी अमन कुमार के ठिकानों पर छापा* 

▫️जांच के दौरान ED की टीम ने गैंगस्टर इंदरजीत सिंह यादव के करीबी अमन कुमार के ठिकानों को निशाना बनाया। दिल्ली के सर्वप्रिय विहार स्थित परिसर से 5.12 करोड़ रुपये नकद और करीब 8.80 करोड़ रुपये के आभूषण बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अमन कुमार अवैध फंड की हेराफेरी और जबरन लोन सेटलमेंट के मामलों में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।

*● काले धन को छिपाने की कोशिश का खुलासा* 

▫️ED का दावा है कि अमन कुमार के जरिए अवैध रूप से अर्जित धन को छिपाने और निवेश करने की कोशिश की जा रही थी। छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों और नकदी से यह संकेत मिला है कि गैंगस्टर नेटवर्क ने अपनी कमाई को अलग-अलग माध्यमों से सफेद करने की योजना बना रखी थी।

 *● कौन है फरार गैंगस्टर इंदरजीत सिंह यादव* 

▫️इंदरजीत सिंह यादव जैम रिकॉर्ड्स एंटरटेनमेंट नामक कंपनी से जुड़ा हुआ है और खुद को कारोबारी बताता रहा है, लेकिन जांच एजेंसियों के मुताबिक वह कुख्यात गैंगस्टर है। इसके खिलाफ हरियाणा और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में हत्या, वसूली, धमकी और जबरन वसूली जैसे गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं। बड़े कॉरपोरेट और फाइनेंसरों के बीच चल रहे विवादों में दखल देकर मोटा कमीशन वसूलना इसका मुख्य काम रहा है।

*● रिकवरी विवादों में हथियारों का डर और दबाव* 

▫️जांच में सामने आया है कि इंदरजीत अपने नेटवर्क के जरिए विवादित लेनदेन को निपटाने के लिए दबाव और डर का इस्तेमाल करता था। हथियारों के बल पर लोगों को डराकर रिकवरी कराने और दोनों पक्षों से मोटी रकम वसूलने के आरोपों के चलते इसकी हिस्ट्रीशीट पहले ही खोली जा चुकी है।

*● देश से बाहर बैठकर नेटवर्क संचालन की आशंका* 

▫️ईडी और अन्य जांच एजेंसियों को आशंका है कि इंदरजीत फिलहाल भारत में नहीं है और संभवतः यूएई में छिपकर अपने नेटवर्क का संचालन कर रहा है। इससे पहले भी इसके ठिकानों पर हुई छापेमारी में लग्जरी गाड़ियां और बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की जा चुकी है।

*● परिवार और करीबियों की भूमिका की जांच तेज* 

▫️अब ईडी की जांच का दायरा इंदरजीत के परिवारजनों और अन्य करीबियों तक बढ़ाया जा रहा है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि किन लोगों के नाम पर संपत्तियां खरीदी गईं और किन माध्यमों से लेनदेन किया गया। पिछले तीन दिनों में कई ठिकानों पर कार्रवाई की जा चुकी है और आगे भी छापेमारी जारी रहने की संभावना है।

*● डिजिटल डेटा से खुल सकते हैं और बड़े राज* 

▫️ईडी अधिकारियों का कहना है कि अब तक जब्त किए गए डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल और दस्तावेजों का विश्लेषण होना बाकी है। इनसे मनी लॉन्ड्रिंग, विदेशी लेनदेन और अन्य सहयोगियों के नाम सामने आने की उम्मीद है।