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Ex IPS Anand Mishra’s U Turn: कौन हैं पूर्व IPS आनंद मिश्रा, जिन्होंने PK का साथ छोड़ थामा बीजेपी का दामन!

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Ex IPS Anand Mishra’s U Turn: कौन हैं पूर्व IPS आनंद मिश्रा, जिन्होंने PK का साथ छोड़ थामा बीजेपी का दामन!

Ex IPS Anand Mishra’s U Turn: कौन हैं पूर्व IPS आनंद मिश्रा, जिन्होंने PK का साथ छोड़ थामा बीजेपी का दामन!

भारतीय पुलिस सेवा में 2011 बैच के युवा पूर्व IPS अधिकारी आनंद मिश्रा ने जन सुराज पार्टी छोड़कर बीजेपी जॉइन कर ली है। इससे पहले वे जन सुराज के यूथ विंग अध्यक्ष थे. उनके साथ पूर्व मंत्री नागमणि और उनकी पत्नी सुचित्रा सिन्हा भी बीजेपी में शामिल हो गए।

Ex IPS Anand Mishra’s U Turn: बिहार की सियासत में इन दिनों लगातार नए समीकरण बन रहे हैं. इसी कड़ी में पूर्व आईपीएस अधिकारी आनंद मिश्रा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है. आनंद मिश्रा ने बुधवार को पटना में आयोजित मिलन समारोह कार्यक्रम में आधिकारिक रूप से बीजेपी पार्टी को जॉइन कर लिया. गौरतलब है कि आनंद मिश्रा पहले प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज में सक्रिय थे और यूथ विंग के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. अब एक साल के भीतर ही उन्होंने पार्टी बदलकर भाजपा में एंट्री कर ली है.

Ex IPS Anand Mishra’s U Turn: बता दें, आनंद मिश्रा के साथ-साथ पूर्व मंत्री नागमणि और उनकी पत्नी सुचित्रा सिन्हा, नेशनल पीपुल्स पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अवधेश कुमार और स्वर्ण सेना के आशुतोष कुमार ने भी बीजेपी जॉइन कर लिया है.

एक साल में पार्टी बदलने पर सवाल

हालांकि, आनंद मिश्रा के आलोचक यह भी कह रहे हैं कि एक साल में पार्टी बदलना उनकी राजनीतिक प्रतिबद्धता पर सवाल उठाता है. जन सुराज छोड़कर बीजेपी में शामिल होना यह संकेत देता है कि वे तेज़ी से राजनीतिक जमीन तलाश रहे हैं. मगर समर्थकों का मानना है कि यह उनका व्यावहारिक फैसला है, क्योंकि जन सुराज अभी शुरुआती दौर में है, जबकि बीजेपी एक बड़ी राष्ट्रीय पार्टी है.

बीजेपी में शामिल होने के बाद आनंद मिश्रा ने कहा कि वे संगठन के सिपाही की तरह काम करेंगे. फिलहाल पार्टी उन्हें किस भूमिका में उतारेगी, यह आने वाले दिनों में तय होगा.

क्या हैं राजनीतिक मायने?

बीजेपी नेताओं का मानना है कि आनंद मिश्रा जैसे पूर्व IPS अधिकारी के आने से पार्टी को खासकर युवाओं और शहरी वोटरों के बीच मजबूती मिलेगी. साथ ही, कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के मुद्दों पर उनकी छवि पार्टी के लिए फायदेमंद होगी. बिहार में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. ऐसे में बीजेपी लगातार नए चेहरे और मजबूत व्यक्तित्व वाले लोगों को पार्टी से जोड़ रही है. आनंद मिश्रा की एंट्री को इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है. विशेषज्ञ मानते हैं कि उनकी प्रशासनिक पृष्ठभूमि और साफ-सुथरी छवि उन्हें भविष्य में चुनावी राजनीति में एक मजबूत दावेदार बना सकती है. हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि पार्टी उन्हें किस भूमिका में उतारेगी.