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Fake Bail Bondsmen Gang : जमीन की हजारों फर्जी डायरियों से बदमाशों की जमानत देने वाले चाचा-भतीजे के गिरोह का पर्दाफाश!

38वां साथी पकड़ाया, सलोनी अरोरा मामले के खुलासे के बाद नए सिरे से गिरोह के खिलाफ मुहिम!

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Fake Bail Bondsmen Gang : जमीन की हजारों फर्जी डायरियों से बदमाशों की जमानत देने वाले चाचा-भतीजे के गिरोह का पर्दाफाश!

Indore : क्राइम ब्रांच ने फर्जी जमानतदारों के संगठित गिरोह को पकड़ा। इस गिरोह का 38वां सदस्य पुलिस के हाथ लगा। इस गिरोह को चाचा और उसका भतीजा चलाते हैं जिसके 50 से अधिक सदस्य हैं। ये कई सालों से फर्जी जमानत दे रहे हैं। बताते हैं कि इन लोगों ने जमीन की 2000 से अधिक फर्जी डायरियां (ऋण पुस्तिकाएं) छपवा रखी है। इन्हीं डायरियों पर ये गिरोह बदमाशों की जमानत देता है। फर्जी जमानत से कई बदमाश जमानत लेकर फरार भी हो चुके। जबकि, गिरोह के कई सदस्य भी फरार है, जिनकी पुलिस को तलाश है। कल्पेश याग्निक आत्महत्या केस में आरोपी सलोनी अरोरा की फर्जी जमानत का खुलासा होने के बाद केदार डाबी और सलोनी अरोरा को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है।

क्राइम ब्रांच ने कुछ साल पहले इस गिरोह का पर्दाफाश किया था। गिरोह का सरगना प्रकाश और उसका भतीजा करण है। जबकि, गिरोह में इंदौर और आस-पास के शहरों के 50 से अधिक सदस्य हैं, जो फर्जी जमानत देते है। इस गिरोह के बारे में पता चला है कि उन्होंने 2 हजार से अधिक फर्जी जमीन की डायरियां छपवा रखी है। ये डायरिया इन लोगों ने सदर बाजार और सिख मोहल्ला की दो प्रिंटिंग प्रेस पर छपवाई थी। एक डायरी पर चार-पांच बदमाशों की जमानत करवाने के बाद ये लोग उसी जमीन का खसरा नंबर और अन्य जानकारी डालकर नई डायरी बना लेते हैं और फिर उससे जमानत देते हैं।

ये गिरोह लगभग 10 साल से इंदौर, उज्जैन, देवास, खरगोन, महू सहित कई अदालतों में फर्जी जमानत दे चुके हैं। हर व्यक्ति दस से बीस बदमाशों की फर्जी जमानत दे चुका है। कुछ पकड़े गए सदस्य को खुद भी फर्जी जमानत पर छूट चुके हैं। एक बार फिर पिछले दिनों सलोनी अरोरा केस में फर्जी जमानत का मामला समाने आया था। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने सालों से फरार गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश शुरू की है। इसके लिए एसआईटी बनाई गई है।

इसके बाद क्राइम ब्रांच ने गिरोह के दांगी, अकरम उर्फ बिजली निवासी खजराना, रमेश कलौता निवासी हातोद और क्राइम ब्रांच ने सुभाष पाल निवासी बाणगंगा को गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज था। वह कई सालों से फरार चल रहा था। उसने भी कई बदमाशों की फर्जी जमानत दी है।

डीसीपी क्राइम राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि गिरोह के अभी भी कई सदस्य फरार चल रहे है। उनको चिन्हित किया गया है, जबकि इन आरोपियों ने दस से अधिक फर्जी जमीन की डायरियां बरामद हुई है। अब पुलिस कोर्ट से उनके द्वारा दी गई फर्जी जमानत की जानकारी जुटा रही है, ताकि उन आरोपियों की भी जमानत निरस्त करवाई जा सके। अब तक पकड़े गए चार लोगों ने बीस से अधिक आरोपियों की फर्जी जमानत देने की बात सामने आई हैं। जल्द ही पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लेगी।