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बाप ने बेटे को गोली मारकर की थी हत्या, अदालत ने सुनाई उम्रकैद

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बाप ने बेटे को गोली मारकर की थी हत्या, अदालत ने सुनाई उम्रकैद

छतरपुर: जिले के नौगांव शहर में छतरपुर रोड स्थित शिव कॉलोनी में चार वर्ष पूर्व पिता के द्वारा पुत्र की सनसनीखेज हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी पिता को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह मामला 10 मई 2021 का है, जब एसी के विद्युत उपभोग बिल के चलते पिता ने अपनी ही लाइसेंसी बंदूक से पुत्र को मौत के घाट उतार दिया था। घटना ने उस समय पूरे नौगांव क्षेत्र को दहला दिया था।

इस प्रकरण में शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक रवीन्द्र सिंह सेंगर ने प्रभावी पैरवी की। उन्होंने अदालत में घटना की गवाही, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और साक्ष्यों को प्रस्तुत कर आरोपी को दोषी सिद्ध किया।

अपर लोक अभियोजक ने बताया कि वार्ड क्रमांक 11, शिव कॉलोनी, नौगांव निवासी आरोपी तेजबहादुर सिंह का अपने पुत्र सतेंद्र सिंह उर्फ सोनू राजा से लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। विवाद के चलते घर का माहौल तनावपूर्ण था। घटना वाले दिन भी दोनों के बीच कहासुनी और झगड़ा हुआ। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने आपा खो दिया और अपनी लाइसेंसी बंदूक उठाकर बेटे को नजदीक से गोली मार दी। गोली लगते ही सतेंद्र सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। पुलिस को खबर दी गई और थाना नौगांव में हत्या का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने मौके से ही आरोपी पिता को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।

●अदालत का फैसला..

मामला द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश नौगांव दिनेश कुमार प्रजापति की अदालत में विचाराधीन था। करीब चार वर्ष तक चली सुनवाई के बाद 16 सितंबर 2025 को अदालत ने अपना निर्णय सुनाया। अदालत ने आरोपी तेजबहादुर सिंह को धारा 302 भादंवि (हत्या) में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही आयुध अधिनियम की धारा 30 के तहत भी दोषी पाते हुए छह माह का सश्रम कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया।

 

●सामाजिक संदेश..

न्यायालय ने अपने फैसले में यह भी टिप्पणी की कि पारिवारिक विवादों का समाधान संवाद और आपसी समझ से होना चाहिए। क्रोध और हिंसा की स्थिति में उठाया गया कदम न केवल परिवार को तोड़ता है बल्कि पूरे समाज के लिए घातक उदाहरण बनता है। इस तरह की घटनाएं युवा पीढ़ी पर भी गलत असर डालती हैं।