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IAS Naveen Tanwar : 10 साल पहले बैंक परीक्षा में दूसरे की जगह परीक्षा देने वाला IAS सस्पेंड!

CBI ने पेपर सॉल्वर गैंग को पकड़ा उनमें एक नवीन तंवर भी रहे!

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IAS Naveen Tanwar : 10 साल पहले बैंक परीक्षा में दूसरे की जगह परीक्षा देने वाला IAS सस्पेंड!

New Delhi :-हिमाचल प्रदेश कैडर के IAS अधिकारी नवीन तंवर को 10 साल पहले की गई एक गलती की सजा भुगतना पड़ रही है। उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। घटना के अनुसार, करीब 10 साल पहले 2014 में नवीन तंवर IBPS क्लर्क भर्ती की परीक्षा में किसी दूसरे उम्मीदवार की जगह परीक्षा में शामिल हुए थे। बैंक परीक्षा में 2014 में सीबीआई ने जिन लोगों को गिरफ्तार किया जिनमें एक नवीन तंवर भी थे। कुछ दिनों बाद नवीन जमानत पर जेल से रिहा हो गए। 2019 की यूपीएससी की परीक्षा को पास करके IAS ऑफिसर बन गए।
नवीन तंवर पढ़ाई में काफी तेज थे। वे आईआईटी, दिल्ली से इंजीनियरिंग ग्रेजुएट हैं और एक प्रतिभाशाली छात्र रहे हैं। उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी जारी रखी और यूपीएससी में सफलता पाई। जबकि, उनके खिलाफ मुकदमा चल रहा था। घटना के अनुसार 13 दिसंबर 2014 को उत्तर प्रदेश के नोएडा निवासी तंवर ने झांसी के अमित सिंह की जगह गाजियाबाद के आइडियल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान (IBPS) क्लर्क भर्ती परीक्षा दी थी। सीबीआई ने सॉल्वर गैंग को पकड़ा था, जिसमें तंवर 6 आरोपियों में से एक था। वर्ष 2019 में सुनवाई के दौरान तंवर से पूछताछ की गई। 24 मार्च को तंवर ने 14 दिन की छुट्टी के लिए ईमेल भेजा था। राज्य प्रशासन ने पहले ही तंवर को सात दिन की छुट्टी दे दी थी। गाजियाबाद स्थित आइडियल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ने 2014 में इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्शन (आईबीपीएस) क्लर्क भर्ती परीक्षा आयोजित की थी।

उन्होंने 2019 की यूपीएससी परीक्षा में 158 रैंक हासिल की, इसके बाद उन्हें हिमाचल प्रदेश कैडर अलॉटमेंट किया गया। DOPT द्वारा जारी IAS कैडर लिस्ट के अनुसार नवीन को यूपीएससी में कुल 1880.43 मार्क्स मिले थे। नवीन वर्तमान में चंबा जिले में जिला ग्रामीण विकास एजेंसी (DRDA) के एडिशनल डिप्टी कमिश्नर/प्रोजेक्ट डायरेक्टर के पद पर कार्यरत थे।

बैंक क्लर्क भर्ती परीक्षा की वजह से सस्पेंड
2019 बैच के आईएएस अधिकारी नवीन तंवर को कुछ दिनों पहले सस्पेंड कर दिया गया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने किसी और की जगह बैंक क्लर्क भर्ती परीक्षा दी। पिछले महीने तंवर को 3 साल की सजा सुनाई गई थी, जिसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के न्यायिक मजिस्ट्रेट शिवम वर्मा ने अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) तंवर पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। लेकिन, सीबीआई अदालत द्वारा जमानत दिए जाने के बाद उन्हें हिरासत से रिहा कर दिया गया। इस मामले में विधि विभाग ने स्पष्ट किया कि यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी 48 घंटे तक जेल में रहता है, तो उसे स्वतः ही ‘निलंबित’ माना जाना चाहिए।