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Gujarat BJP President ‌अमित शाह के भरोसेमंद “जगदीश विश्वकर्मा” बने गुजरात BJP के नए अध्यक्ष, संगठन में सामाजिक संतुलन और नई रणनीति का संकेत

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Gujarat BJP President ‌अमित शाह के भरोसेमंद “जगदीश विश्वकर्मा” बने गुजरात BJP के नए अध्यक्ष, संगठन में सामाजिक संतुलन और नई रणनीति का संकेत

Gandhinagar : भारतीय जनता पार्टी ने गुजरात में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल करते हुए राज्य के मंत्री और ओबीसी समुदाय से आने वाले नेता जगदीश विश्वकर्मा को पार्टी का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। गांधीनगर स्थित पार्टी मुख्यालय ‘कमलम्’ में शनिवार को उनके नाम की आधिकारिक घोषणा की गई। इस पद के लिए वे निर्विरोध चुने गए, क्योंकि नामांकन दाखिल करने वाले वे एकमात्र उम्मीदवार थे।

राज्य के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने इस मौके पर कहा कि “जगदीश विश्वकर्मा एक जमीनी कार्यकर्ता हैं, जिनकी कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं रही। उन्होंने संगठन में नीचे से ऊपर तक काम किया है और यही भाजपा की असली ताकत है।”

नया अध्यक्ष, नया संदेश

52 वर्षीय जगदीश विश्वकर्मा वर्तमान में गुजरात सरकार में सहकारिता, एमएसएमई, नमक उद्योग, कुटीर, खादी और ग्रामीण उद्योग विभाग संभाल रहे हैं। अहमदाबाद की निकोल विधानसभा सीट से वे लगातार तीन बार विधायक चुने जा चुके हैं। भाजपा संगठन में वे पहले अहमदाबाद नगर इकाई के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, उनकी नियुक्ति से संगठन में सामाजिक संतुलन बनाने और ओबीसी वर्ग को साधने की रणनीति को मजबूती मिलेगी।

अमित शाह के करीबी और भरोसेमंद चेहरा

जगदीश विश्वकर्मा को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का करीबी माना जाता है। शाह के संसदीय क्षेत्र अहमदाबाद में लंबे समय से संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय रहने के कारण विश्वकर्मा का नाम भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व की नजर में पहले से था।
उनका चयन ऐसे समय में हुआ है जब भाजपा को आगामी स्थानीय निकाय चुनावों और 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी करनी है। पार्टी के लिए यह बदलाव संगठनात्मक ऊर्जा बढ़ाने का संदेश देता ह

सामाजिक और राजनीतिक संतुलन

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल पटेल समुदाय से आते हैं। ऐसे में एक ओबीसी नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर पार्टी ने जातीय संतुलन को मजबूत करने की कोशिश की है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने इस फैसले के ज़रिए अपने पारंपरिक वोटबैंक को बनाए रखने के साथ ही विस्तारित सामाजिक पहुच का संकेत दिया है।

चुनौतियां और आगे की राह

विश्वकर्मा के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती संगठन को बूथ स्तर तक और मज़बूत बनाना तथा 2026 के स्थानीय निकाय चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन बेहतर बनाए रखना है।

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सी. आर. पाटिल का कार्यकाल जुलाई 2023 में समाप्त हुआ था, जिसके बाद से संगठनात्मक नियुक्ति का इंतज़ार था।

संक्षेप में, जगदीश विश्वकर्मा की ताजपोशी केवल नेतृत्व परिवर्तन नहीं, बल्कि भाजपा के भीतर नई दिशा और सामाजिक संतुलन की रणनीति की झलक भी है- जहां बूथ से निकला कार्यकर्ता अब प्रदेश की कमान संभाल रहा है।