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Jaipur Literature Festival : मणिशंकर अय्यर का खुलासा ‘सोनिया गांधी की इच्छा नहीं थी कि मैं राजनीति रहूं!’ 

जानिए, इसके अलावा मणिशंकर अय्यर ने और क्या नए खुलासे किए!  

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Jaipur Literature Festival : मणिशंकर अय्यर का खुलासा ‘सोनिया गांधी की इच्छा नहीं थी कि मैं राजनीति रहूं!’ 

New Delhi : कांग्रेस के दिग्गज नेता मणिशंकर अय्यर ने सोनिया गांधी को लेकर बड़ा दावा किया। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल

के दौरान मणिशंकर अय्यर ने खुलासा किया कि सोनिया गांधी उन्हें राजनीति में नहीं रहने देना चाहती थीं। फेस्टिवल के दूसरे दिन शुक्रवार को मणिशंकर अय्यर ने पाकिस्तान, सोनिया गांधी और राजीव गांधी पर खुलकर बातचीत की। उन्होंने कहा कि एक वक्त सोनिया गांधी नहीं चाहती थीं मैं राजनीति में रहूं. इसके बाद भी मैं राजनीति में रहा।

मणिशंकर अय्यर ने कहा कि कुछ लोगों ने मुझे सुझाव दिया कि मैं अपनी आत्मकथा लिखूं। इसलिए मैंने सोचा कि मेरी जिंदगी में ऐसी कौन सी उपलब्धियां रहीं, जिन्हें लोग पढ़ना चाहेंगे। तभी सोनिया गांधी ने भी कहा था कि मुझे आत्मकथा लिखनी चाहिए। तब मुझे पता चला कि सोनिया गांधी नहीं चाहती थीं कि मैं राजनीतिक जीवन में रहूं।

पाकिस्तान पर क्या बोले 

कश्मीर मसले पर पाकिस्तान से बातचीत की भी उन्होंने वकालत की। सरकार की पाकिस्तान से बातचीत करने की हिम्मत नहीं है। दोनों देशों की नीति समझ नहीं आ रही है। हम सर्जिकल स्ट्राइक तो कर सकते हैं, मगर टेबल पर बातचीत नहीं कर सकते! उन्होंने कहा कि मैंने कश्मीर को लेकर पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ से बात की थी। कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए मेरे पास चार अहम सुझाव थे। मुझे नहीं पता कि इस मुद्दे पर चर्चा क्यों नहीं की गई। 2014 के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच कोई बातचीत नहीं हुई है.

राजीव पर अय्यर ने क्या कहा

इससे पहले मणिशंकर अय्यर ने दावा किया था कि राजीव गांधी की सरकार ने अपने प्रचंड बहुमत का इस्तेमाल देश को एकजुट करने के लिए किया था। लेकिन, भारतीय जनता पार्टी की मौजूदा सरकार अपने बहुमत के दम पर विविधता पर एकरूपता थोपने का प्रयास कर रही है। अपनी पुस्तक ‘’द राजीव आई न्यो’ को लेकर अय्यर ने कहा कि राजीव गांधी ऐसे प्रधानमंत्री रहे, जिन्हें सही तरीके से नहीं समझा गया। जबकि, वे एक बहुत ईमानदार व्यक्ति’ थे। लेकिन, उनमें राजनीतिक चतुराई, साजिश और उन गुणों का अभाव था जिन्हे हिंदी फिल्मों में एक नेता की खूबी के रूप में दर्शाया गया।