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Life Imprisonment To Son In Law: ससुर की हत्या करने वाले दामाद को उम्र कैद

24 घंटे में गिरफ्तार, 30 दिन में जांच, 17 माह में फैसला..

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छतरपुर से राजेश चौरसिया की रिपोर्ट

छतरपुर: छतरपुर में अपने ससुर की हत्या करने वाले दामाद को अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। जहां उसके साले की रिपोर्ट पर यह कार्यवाही हुई है।

जानकारी के मुताबिक मामला छतरपुर जिले के बड़ा मलहरा अनुविभाग का है जहाँ दिनांक 8/6/2021 को बमनोरा थाना क्षेत्र के ग्राम भर्षखेड़ा निवासी 28 वर्षीय चंद्रभान (पिता- मूलचंद यादव) ने थाना बमनोरा आकर रिपोर्ट की थी कि रात करीब 8 बजे वह अपने खेत पर था और उसके 45 वर्षीय पिता मूलचंद यादव (पिता- जीवनलाल यादव) भी वहीं पास में थे तभी छेवली खेड़ा निवासी उसका जीजा हलकाई उर्फ दृगपाल यादव खेत पर आया और पिता से ट्रैक्टर की किश्त भरने के लिए पैसे मांगे तो पिता के द्वारा पैसे देने से इंकार करने पर मां बहिन की अश्लील गालियां देकर जान से मारने की नियत से कई बार कुल्हाड़ी से वार कर घायल कर दिया।

● 24 घंटे में किया था आरोपी गिरफ्तार..

घटना और मामले की सूचना पर तत्कालीन थाना प्रभारी बमनौरा उप निरीक्षक स्वर्णप्रभा दुबे ने मौके पर पहुंचकर घायल को इलाज के लिए रवाना किया और घटना स्थल पहुंचकर जांच करते हुए बेटे की रिपोर्ट पर थाना बमनोरा में धारा 294,307,506 IPC के तहत आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर 24 घंटे के अंदर दिनांक 9/6/21 को आरोपी 28 वर्षीय हलकाई उर्फ द्रगपाल (पिता- लखन यादव निवासी ग्राम छेवला खेडा) को गिरफ्तार कर कब्जे से लोहे की कुल्हाड़ी जप्त की थी।

● इलाज के दौरान हुई मौत फिर हत्या का मामला दर्ज..

घायल की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने छतरपुर जिला अस्पताल से उसे झांसी मेडीकल रेफर किया, जहां दिनाँक 20/6/2021 को घायल की इलाज के दौरान झांसी में मृत्यु हो गई और मामले में धारा 302 को बढ़ाया गया।

● 24 घंटे में गिरफ्तार, 30 दिन में जांच, 17 माह में फैसला..

मामले में 30 दिवस में जांच पूर्ण कर दिनांक 12/07/21 को आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया जहां अपर सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार शर्मा द्वारा आरोपी को दिनांक 12/10/22 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।

● इनकी रही महत्ती भूमिका..

उक्त संपूर्ण कार्यवाही में उप निरीक्षक स्वर्ण प्रभा दुबे, उप निरीक्षक अजान सिंह, सहायक उप निरीक्षक सीताराम घोष, सुनील गोंड, प्रधान आरक्षक राघवेन्द्र सिंह, आरक्षक अखण्ड प्रताप, तरुण विश्वकर्मा, आवेश, अनिल कुमार का योगदान रहा है।