WhatsApp Image 2025 08 07 At 9.31.47 PM
Home खबरों की खबर

Lokayukt Trap: आलीराजपुर में कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, 5 लाख की थी मांग!

2292
WhatsApp Image 2025 09 24 At 15.50.46

Lokayukt Trap: आलीराजपुर में कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, 5 लाख की थी मांग!

आलीराजपुर से राजेश जयंत  की रिपोर्ट 

आलीराजपुर। Lokayukt Trap: मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल जिले आलीराजपुर में कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी को 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। बताया गया है कि मामले को निपटने के लिए अधिकारी द्वारा 5 लाख रूपए की मांग की गई थी।
इंदौर लोकायुक्त पुलिस की टीम ने आज आलीराजपुर में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। खाद्य विभाग के कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी रामा अवास्या (43) को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।

पूरा मामला
लोकायुक्त इंदौर के एसपी राजेश सहाय ने बताया कि ग्राम बरझर (शामलाकुण्ड) तहसील चंद्रशेखर आजाद नगर निवासी कमलेश संगाडिया ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी पत्नी कमिला संगाडिया गांव में शासकीय उचित मूल्य की दुकान (कोड 4906022) संचालित करती हैं।
20 अगस्त 2025 को आरोपी रामा अवास्या ने दुकान का पंचनामा बनाया और एफआईआर दर्ज करने की धमकी दी। कार्रवाई से बचाने के नाम पर उसने ₹5 लाख की रिश्वत की मांग कर डाली।

लोकायुक्त का जाल और गिरफ्तारी
लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय को शिकायत मिलने पर सत्यापन कराया गया, जो सही पाया गया। इसके बाद 24 सितंबर को विशेष ट्रैप दल गठित किया गया। योजना के अनुसार, जब शिकायतकर्ता ने आरोपी को ₹50,000 की पहली किश्त सौंपी, तभी टीम ने उसे रंगे हाथ धर दबोचा।

अब आगे क्या?
गिरफ्तार अधिकारी रामा अवास्या वर्तमान में जिला आपूर्ति कार्यालय, अलीराजपुर में पदस्थ है और मूल रूप से बड़वानी जिले के पिछौड़ी गांव का निवासी है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

ट्रैप दल के सदस्य
इस कार्रवाई में कार्यवाहक निरीक्षक सचिन पटेरिया, कार्यवाहक प्रआर विवेक मिश्रा, आरक्षक विजय कुमार, कमलेश परिहार और अनिल परमार शामिल रहे।

लोकायुक्त की यह कार्रवाई खाद्य विभाग सहित पूरे प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप का कारण बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि भ्रष्ट अधिकारियों पर ऐसी कड़ी कार्रवाई से ही व्यवस्था में सुधार आ सकता है।