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Minister’s Sharp Questions: आंगनबाड़ी भर्ती में दलालों की सक्रियता पर मंत्री की दो-टूक- विभाग पर भी दागे सवाल

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Minister’s Sharp Questions: आंगनबाड़ी भर्ती में दलालों की सक्रियता पर मंत्री की दो-टूक- विभाग पर भी दागे सवाल

राजेश जयंत की खास खबर 

Alirajpur: जनजातीय बहुल अलीराजपुर जिले में आंगनबाड़ी सहायिका और कार्यकर्ता की आगामी भर्तियों को लेकर बिचौलिये और दलाल एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं। ऐसे में स्थानीय विधायक एवं मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री नागरसिंह चौहान ने खुलकर अपनी चिंता जताई और महिलाओं को सतर्क करते हुए खुले मंच से सिस्टम और विभाग के प्रति भी तीखे सवाल उठा दिए हैं।

सहायिकाओं को आंगनवाड़ी की मुख्य कार्यकर्ता बनाए जाने के बाद पूरे मध्य प्रदेश में सहायिका के रिक्त पदों पर नई भर्ती की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। मंत्री जी की चिंता इसलिए भी जायज है क्योंकि साक्षरता के मामले में सबसे पिछड़े जनजातीय बहुल अलीराजपुर जिले के जनमानस काफी भोले है। शातिर लोग सरल स्वभाव का फायदा उठाकर इन्हें आर्थिक क्षति पहुंचा देते हैं। इसलिए जब मंत्री नागरसिंह चौहान को जिले में आंगनवाड़ी सहायिका भर्ती को लेकर दलालों की एक्टिविटी की शिकायतें मिली तो उन्होंने तत्काल एक वीडियो संदेश सोशल मीडिया पर प्रसारित किया।

उन्होंने अपने वीडियो बयान में साफ कहा कि कोई भी ग्रामीण महिला, विशेष रूप से जो बहनें और बेटियां सहायिका पद के लिए आवेदन कर रही हैं, वे किसी भी दलाल या बिचौलिए के चक्कर में न आएं। उन्होंने यह भी कहा कि भर्ती केवल मेरिट और प्रतिशत के आधार पर होगी, न कि पैसे या सिफारिश से।

मंत्री ने विभागीय अधिकारियों/कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका जताकर यह भी स्पष्ट कर दिया कि यदि कोई दोषी पाया जाता है, तो उस पर कड़ी कार्रवाई होगी। इस बयान के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग सीधे कटघरे में है, खासकर तब जब पड़ोसी जिले के पेटलावद विधानसभा क्षेत्र की विधायक निर्मला भूरिया खुद इसी विभाग की कैबिनेट मंत्री हैं।

इधर मंत्री नागरसिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि- मध्य प्रदेश शासन और मुख्यमंत्री Dr Mohan Yadav की भी यही मंशा है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी हो, ताकि किसी भी तरह की धांधली की कोई गुंजाइश न बचे।
अब विभाग की जिम्मेदारी है कि वह दलालों और संदिग्ध अधिकारियों के नेटवर्क को तोड़े और पीड़ित ग्रामीण जनता को उचित सहयोग दे।

मंत्री चौहान द्वारा सोशल मीडिया पर जारी बयान के बाद अब तक न तो विभाग और ना ही विभागीय मंत्री की ओर से कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है।

मंत्री के वीडियो ने कई सवाल और संदेह पैदा कर दिए हैं कि क्या विभाग के भीतर कोई ‘साइलेंट’ गठजोड़ है, या भर्ती की पारदर्शिता वास्तव में खतरे में पड़ गई है?

खबर एक नजर में-

1. अलीराजपुर में आंगनबाड़ी सहायिका/कार्यकर्ता भर्ती में दलाल सक्रिय।
2. मंत्री नागरसिंह चौहान ने महिलाओं को सतर्क रहने को कहा, साथ ही विभागीय संलिप्तता पर सवाल उठाए।
3. उन्होंने साफ किया- भर्ती मेरिट और प्रतिशत के आधार पर ही होगी।
4. मध्य प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री की तरफ से पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने का वादा।
5. विभाग या विभागीय मंत्री निर्मला भूरिया की अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं।
6. मंत्री का सीधा सार्वजनिक बयान विभाग पर गंभीर आरोपों की ओर इशारा करता है।
7. भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और ईमानदारी पर फिर सवाल।

अब आगे क्या…?

आंगनबाड़ी भर्ती के नाम पर जनजातीय महिलाओं का शोषण, विभागीय साख और राज्य सरकार की पारदर्शिता- सभी सवालों के घेरे में हैं। मंत्री का सोशल मीडिया बयान कार्रवाई और जांच की शुरुआत का संकेत भी है। आने वाले दिनों में विभाग से स्पष्टीकरण, पारदर्शिता की गारंटी, दलालों पर शिकंजा और ग्रामीण जनता के लिए भरोसेमंद मदद की दरकार होगी।

अब देखना है कि विभाग जवाबदेही निभा पाएगा या नहीं और व्यवस्था कितनी पारदर्शी बन पाती है।