WhatsApp Image 2025 08 07 At 9.31.47 PM
Home Uncategorized

Ratlam News: जिला चिकित्सालय की मर्च्यूरी में बंद पड़े फ्रीजर हुए चालू

RKS के सदस्य काकानी की सजगता और कलेक्टर की तत्परता काम आई

1310

Ratlam News: जिला चिकित्सालय की मर्च्यूरी में बंद पड़े फ्रीजर हुए चालू

RKS के सदस्य काकानी की सजगता और कलेक्टर की तत्परता काम आई

रतलाम से रमेश सोनी की रिपोर्ट

रतलाम : जिला चिकित्सालय की लचर व्यवस्था कल फिर देखने को मिली जब भीषण गर्मी से सुरक्षित रखने हेतु दो शव को पोस्टमार्टम रूम में स्थित फ्रिजर में रखने की जरूरत पड़ी।बंद फ्रीजर को दुरस्त करवाने की प्रबंधन को जरा भी परवाह नहीं थी।
मामले का जब रोगी कल्याण समिति के सदस्य गोविन्द काकानी को पता चला तो उन्होंने तत्काल मामले की जानकारी कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम को दी।
बस फिर क्या था कलेक्टर के निर्देश पर जिला चिकित्सालय के कबाड़ में तब्दील हो रहें फ्रीजर 4 घंटे में दुरस्त हो गए और उनका कार्य करना प्रारंभ हुआ।

मामले में रोगी कल्याण समिति सदस्य गोविंद काकानी ने बताया कि लंबे समय से जिला चिकित्सालय के पोस्टमार्टम रूम के फ्रीजर निष्क्रिय पड़े थे।मामले की मुझे जानकारी तब लगी कि कल शहर में घटी घटना जिसमें अत्यधिक गर्मी से सुरक्षित रखने हेतु दो शव को फ्रीज में रखने की जरूरत पड़ी।ऐसे में जिला चिकित्सालय की लेटलतीफी और लचर व्यवस्था से आवश्यक सेवा बाधित हो रही थी।मामले के निराकरण को लेकर मैंने जिलाधीश कुमार पुरुषोत्तम से शाम 6:00 बजे संपर्क किया और अस्पताल के पोस्टमार्टम रूम में बंद पड़े फ्रीजर की स्थिति से अवगत कराया।तब जिलाधीश द्वारा उन्हें तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश चिकित्सालय प्रबंधन को दिए।
बस फिर क्या था अस्पताल प्रबंधन की टीम उसे दुरुस्त करने में जुट गई।परिणाम स्वरूप 4 घंटे में ही तीनों फ्रीजर चालू हो गए और फ्रीजर का टेंप्रेचर 6 डिग्री तक पहुंच गया।
तब बाहर रखे शवों को औद्योगिक थाने के एसआई सुभाष अग्निहोत्री की उपस्थिति में पोस्टमार्टम रूम के फ्रीजर में रखा गया।साथ ही शेष बचे पांच फ्रिजर को शीघ्र दुरुस्त कराने हेतु संबंधित कर्मचारियों से आवश्यक सामग्री जिसके कारण से बंद पड़े हैं अवगत कराने के निर्देश दिए है।इस वर्ष मार्च महीने से ही गर्मी का प्रकोप मई-जून जितना हो चुका है।ऐसे में दूरदराज के रहने वाले व्यक्ति के दुर्धटना केस या दूरदराज से आने वाले परिजनों के आने की राह देख रहे परिवारों को शव को सुरक्षित रखना अतिआवश्यक श्रेणी में आता है.