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Silver Screen : सोनम जैसी बेवफा पत्नियों के किस्से परदे पर बेहिसाब 

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Silver Screen : सोनम जैसी बेवफा पत्नियों के किस्से परदे पर बेहिसाब 

 

– हेमंत पाल

 

हमारे यहां पत्नियों की बेवफाई पर तो दर्जनों फिल्में बनी, लेकिन इंदौर की सोनम रघुवंशी ने जो करतूत की, वो फ़िल्मों के कथानक की सीमा रेखा से भी बाहर की बात है। भारत एक परंपरावादी और सुसंस्कृत समाज वाला देश है, यहां पति को परमेश्वर मानने की परंपरा है। ऐसे में पत्नी का पति की हत्या करवा देने जैसी घटनाओं को दर्शक अमान्य कर सकते हैं। इसी आशंका से निर्माताओं ने इस विषय को छूने में आम तौर पर कोताही बरती। ऐसा भी नहीं कि फिल्मकार के लिए यह विषय वर्जित रहा हो। फिल्मकार बीआर चोपड़ा के लिए न केवल पत्नी की बेवफाई पसंदीदा और बॉक्स ऑफिस की खिड़कियां तोड़ने वाला विषय रहा, बल्कि उन्होंने बेवफा पत्नी द्वारा अच्छे पति की हत्या के षड्यंत्र को भी परदे पर उतारने की हिम्मत दिखाई।

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निर्देशन में अपना झंडा गाड़ने के बाद जब बीआर चोपड़ा को स्वतंत्र रूप से निर्माता बनने के लिए अशोक कुमार ने प्रेरित किया, तो उन्होंने पहली ही फिल्म के लिए बेवफा पत्नी के पति की हत्या जैसा ऑफ बीट विषय सुझाया। यह 1951 का दौर था, तब ऐसे विषय पर फिल्म बनाने का सोचना किसी आत्मघाती कदम से कम नहीं था। लेकिन बीआर चोपड़ा ने हिम्मत दिखाई और अशोक कुमार, कुलदीप कोर, प्राण और जीवन को लेकर आईएस जौहर की कहानी, पटकथा और संवाद पर फिल्म ‘अफ़साना’ का निर्माण और निर्देशन किया। इस फिल्म ने दर्शकों के दिमाग के साथ साथ बॉक्स ऑफिस पर भी सनसनी फैलाकर सफलता के झंडे गाड़ दिए। इसके बाद उन्होंने गुमराह, हमराज़ और ‘धुंध’ में भी पत्नी की बेवफाई के अलग-अलग किस्से सैल्यूलाइड पर बुनते हुए बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा दी थी। उनका इस विषय से प्रेम यहां तक ही सीमित नहीं रहाl नए ज़माने में दिलीप कुमार, शर्मिला टैगोर, बिंदु और प्रेम चोपड़ा को लेकर उन्होंने ‘अफ़साना’ का ही रीमेक ‘दास्तान’ बनाई। पर, ये फिल्म उतनी सफल नहीं रही। इसके बाद उन्होंने बेवफा पत्नी द्वारा पति की सुनियोजित हत्या का ताना-बाना फिर बुना जिसके तार थे राजेश खन्ना और नंदा। ‘इत्तेफाक’ नाम से बनी इस फिल्म ने एक बार फिर सनसनी मचा कर बॉक्स ऑफिस पर धमाका कर दिया।

बीआर चोपड़ा की इस परम्परा को उनके छोटे भाई यश चोपड़ा ने भी आगे बढ़ाया। बीआर फिल्म्स से अलग होकर उन्होंने राजेश खन्ना, शर्मिला टैगोर और राखी को लेकर फिल्म ‘दाग’ बनाई। उसमें भी यही बेवफाई थी, पर कहानी का प्लॉट मज़बूरी से बंधा था। इसके बाद उन्होंने देव आनंद, हेमा मालिनी, राखी, बिंदु और प्राण को लेकर फिल्म ‘जोशीला’ बनाई गई। उसमें भी बिंदु अपने पति प्राण से बेवफाई कर उसे मारने का षड्यंत्र रचती है। फिल्म ‘एक नारी दो रूप’ और जोशीला की कहानी लगभग समान होने और उसके पहले रिलीज होने के कारण ‘जोशीला’ दर्शकों को बांध नहीं सकी। इसके बावजूद यह विषय नहीं पिटा। कुछ सालों के बाद सुभाष घई ने मिर्च मसाला लगाकर ‘कर्ज’ नाम से फिल्म बनाई। इसमें ऋषि कपूर के पिछले जन्म की बीबी सिम्मी गरेवाल अपने पति को कार से कुचलकर वैसे ही खाई में फेंक देती है, जैसे सोनम ने अपने पति को शिलांग की पहाड़ी से निपटाया था।

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सोनम रघुवंशी केस में पति राजा की मौत के बाद सोनम पर शक हुआ और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस केस ने हसीन दिलरूबा, डार्लिंग और ‘जाने जान’ जैसी फिल्मों की याद दिला दी। इस कड़ी में पहला नाम ‘हसीन दिलरूबा’ का ही होगा, जिसमें विक्रांत मैसी और तापसी पन्नू नजर आए थे। इस फिल्म में तापसी पर पति की हत्या का आरोप लगता है। फिल्म को विनिल मैथ्यू ने डायरेक्ट किया है। आलिया भट्ट की नेटफ्लिक्स पर एक फिल्म रिलीज हुई थी ‘डार्लिंग’ जो घरेलू हिंसा पर बनी शानदार फिल्मों में से एक है। इस फिल्म में भी नायिका अपने पति को मौत के घाट सुला देती है। साल 2023 में करीना कपूर, विजय वर्मा और जयदीप अहलावत थ्रिलर फिल्म ‘जाने जान’ लेकर आए थे। इसे सुजॉय घोष ने डायरेक्ट किया और फिल्म में करीना कपूर का किरदार माया अपने पति अजीत का गला घोंटकर हत्या कर देती है।

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‘अ परफेक्ट मर्डर’ फिल्म 1998 में आई थी। फिल्म में दिखाया गया कि कैसे एक महिला की शादी वॉल स्ट्रीट के मशहूर फाइनेंसर से हो जाती है। लेकिन, उसका डेविड शॉ नाम के एक आर्टिस्ट के साथ अफेयर भी चल रहा होता है। इस लव ट्रायंगल के इर्द-गिर्द ही इस फिल्म की रूपरेखा बुनी गई। अंत में महिला ही अपने आशिक की बंदूक से अपने पति पर वार करती है और सेल्फ डिफेंस का हवाला देती है। 2006 में आई फिल्म ‘प्रोवोक्ड’ में ऐश्वर्या राय बच्चन ने लीड रोल प्ले किया था। इस फिल्म में उन्होंने किरणजीत नाम की एक पंजाबी महिला का किरदार निभाया था। महिला शादी के बाद अपने पति के साथ अमेरिका चली जाती है। वहां कुछ दिन बाद उसे पता चलता है, कि उसका पति वैसा नहीं है जैसा वो समझती है। उसका पति उसे मारता है और उसके साथ हर तरह की बदसलूकी करता है। ये सब कुछ वो 10 साल तक झेलती है और एक दिन तंग आकर अपने पति का कत्ल कर देती है।

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बेवफाई, मोहब्बत, लालच और साजिश की कहानी 2003 में आई फिल्म ‘जिस्म’ की याद दिलाती है। ये अपने दौर की सुपरहिट फिल्म थी। फिल्म में बिपाशा बसु ने सोनिया का किरदार निभाया था, जो हसीन, चालाक और रहस्यमयी महिला थी। वो अपने अमीर पति से तंग आकर एक वकील (जॉन अब्राहम) को अपने प्यार के जाल में फंसाती है। ये वकील कबीर लाल उसकी मोहब्बत में इतना अंधा हो जाता है कि उसके लिए अपने हाथ खून से रंग देता है। लेकिन अंत में सच्चाई सामने आती है। फिल्म ‘लोग क्या कहेंगे’ (1982) सामाजिक ड्रामा है, जिसमें एक महिला के मानसिक संघर्ष और सामाजिक दबावों को दिखाया गया। इसमें महिला अपने पति की हत्या तक कर देती है, लेकिन यह हत्या मानसिक असंतुलन और परिवार के तनाव के कारण होती है। शबाना आजमी ने इस फिल्म में दमदार अभिनय किया था, जो समाज की कठोर सोच और महिलाओं पर पड़ने वाले प्रभाव को दर्शाती है।

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परदे पर नायिका की बेवफाई के बेहिसाब किस्से हैं। ये फिल्में शादी के बाद प्यार और धोखे के विषयों पर आधारित है, जहाँ पत्नियां बेवफाई में लिप्त होकर पति को धोखा देती हैं या उसे रास्ते से हटा देती हैं। ‘द अनफेथफुल वाइफ’ (1969) ये फ्रेंच फिल्म एक कामुक थ्रिलर है, जो एक बेवफा पत्नी की कहानी बताती है। सनम बेवफा (1991) एक बेवफा पत्नी के कारण होने वाले दुख और दर्द की कहानी है। बेवफा (2007) ऐसे जोड़े की कहानी है जो शादी से खुश नहीं है और पत्नी बेवफाई में लिप्त हो जाती है। ‘गहराइयां’ (2022) फिल्म में पत्नी (दीपिका) अपनी शादी से खुश नहीं है और उसकी एक पारिवारिक समस्या के कारण उसे अपनी शादी के साथ एक बेवफाई का सामना करना पड़ता है। ‘कभी अलविदा ना कहना’ (2006) फिल्म में दो पात्र अपनी-अपनी शादी से तंग आकर एक दूसरे के साथ अफेयर करने लगते हैं। इन फिल्मों में से कुछ में पत्नियों को गलत तरीके से पेश किया गया। जबकि, कुछ में उनके दृष्टिकोण को समझने की कोशिश भी की गई।

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सिर्फ हिंदी ही नहीं, अंग्रेजी में भी 35 साल पहले ऐसी ही फिल्म ‘बरीड अलाइव’ आई, जिसके प्लॉट ने दर्शकों के होश उड़ा दिए थे। ‘बरीड अलाइव’ यानी किसी को जिंदा दफन कर देना। 1990 में आई इस अमेरिकी फिल्म का डायरेक्‍शन फ्रैंक डाराबोंट ने किया था। इसमें टिम मैथेसन, जेनिफर जेसन लेह, विलियम एथरटन और होयट एक्सटन लीड रोल में थे, इस फिल्‍म को जबरदस्‍त सफलता भी मिली। टीवी पर भी इसे खूब देखा गया। कई लोगों ने इसे ‘मोस्ट अंडररेटेड फिल्‍म’ भी माना। असर यह हुआ कि 1997 में इसका सीक्वल ‘बरीड अलाइव-2’ भी रिलीज किया गया। ये ऐसी बेवफा पत्नी की कहानी है, जो प्रेमी के साथ मिलकर पति को जहर देकर मारने की कोशिश करती है। पति मर नहीं पाता, फिर भी उसे दफना दिया जाता है। अधमरा पति कब्र से बाहर निकल आता है। वह अपने घर लौटता है, लेकिन वहां उसे अपनी पत्नी और उसके प्रेमी के बारे में सच्चाई का पता चलता है। वह दोनों का सामना करने के बजाए पूरी तरह स्वस्थ होने के लिए तहखाने में छिप जाता है। उसके बाद का थ्रिलर बेहद रोमांचक था।