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स्मृति शेष – महंत नरेंद्र गिरि बड़नगर के प्रसिद्ध भुट्टे के लड्डू के स्वाद के थे कायल

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महंत नरेंद्र गिरि

संस्कृति सिंह राठौर की विशेष रिपोर्ट

बड़नगर। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि जी की सोमवार शाम प्रयागराज में संदिग्ध हालत में मौत हो गई। यह खबर मिलते ही उनके भक्तों में शोक की लहर छा गई। किसी को भी उनका इस प्रकार से चले जाना गले नहीं उतर रहा था मगर होनी को कौन टाल सकता है।

महंत नरेंद्र गिरि जी को बड़नगर के प्रसिद्ध भुट्टे के लड्डू बहुत पसंद थे। पिछली बार जब 19 अगस्त 2020 को महंत नरेंद्र गिरि जी उज्जैन प्रवास पर थे उस वक्त उन्होंने भुट्टे के लड्डू का स्वाद लिया और बहुत प्रशंसा करते हुए बड़नगर के उनके परम शिष्य और समाज सेवक संदीप खटोड़ से कहा कि मुझे भुट्टे के लड्डू बहुत स्वादिष्ट हैं, इसलिए एक-दो दिन में 5 किलो लड्डू लेकर आना जिसे मैं अपने साथ लेकर जाऊंगा और प्रयागराज में कुछ खास लोगों को इसका स्वाद चखाऊंगा। इसके बाद जब श्री खटोड़ उनके लिए लड्डू लेकर गए तो पूरे दिन महंत नरेंद्र गिरि जी ने अपने शिष्य संदीप खटोड़ को अपने साथ रखा और पंच दशनाम दातार अखाड़ा, पंच दशनाम नीलगंगा अखाड़ा और निरंजनी अखाड़ा में साथ लेकर गए।

इस दौरान उन्होंने अपना झोला संदीप खटोड़ को सौंपते हुए कहा कि इसे अपने कंधे पर टांग लो। श्री खटोड़ बताते हैं की महंत नरेंद्र गिरि जी के कार्य करने की अपनी एक अलग शैली थी और वह कड़े निर्णय लेने में तनिक देर नहीं करते। वही अपने भक्तों के प्रति उनका प्रेम निश्चल भाव से भरा था। उनका इस प्रकार से यूं चले जाना संत समाज और देश हित के लिए एक बड़ा रिक्त स्थान छूट गया है, जिसकी भरपाई बहुत कठिन और मुश्किल है।