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Stay on FIR & Transfer : इंदौर के जिला पंजीयक पर दर्ज FIR और ट्रांसफर पर हाई कोर्ट ने रोक लगाई!

कोर्ट ने कहा 'स्टाम्प नियमों के तहत ड्यूटी की वसूली, एफआईआर का मामला नहीं बनता!'

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Stay on FIR & Transfer : इंदौर के जिला पंजीयक पर दर्ज FIR और ट्रांसफर पर हाई कोर्ट ने रोक लगाई!

Indore : जिला पंजीयक अमरेश नायडू पर ईओडब्ल्यू द्वारा स्टाम्प ड्यूटी चोरी मामले में दर्ज की गई एफआईआर पर हाईकोर्ट ने स्टे दे दिया। उनके रतलाम ट्रांसफर पर भी रोक लगा दी गई। एफआईआर दर्ज होने के बाद कलेक्टर आशीष सिंह ने नायडू का रतलाम तबादला होने पर उन्हें तीन दिन पहले रिलीव भी कर दिया था।

मामले में बिल्डर विवेक पिता मोहनलाल चुघ, अजय पिता महेन्द्र जैन, उप पंजीयक संजय सिंह पर एफआईआर दर्ज की थी। इस मामले को अमरेश नायडू ने कोर्ट में चुनौती दी थी। नायडू ने एफआईआर और ट्रांसफर के खिलाफ याचिका दायर कर शासन, ईडब्ल्यू और ईडब्ल्यू एसपी को पक्षकार बनाया था। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट बैंच ने कहा कि नायडू पर आरोप है कि स्टाम्प ड्यूटी चोरी में तेजी से कार्रवाई नहीं की, लेकिन यह मामला स्टाम्प ड्यूटी कम भरने का है, जिसे स्टाम्प नियमों के तहत वसूला जा सकता है। ऐसे में एफआईआर का मामला नहीं बनता।

कही थी साठगांठ की बात-

13 करोड़ 32 लाख 95 हजार रुपए की स्टाम्प ड्यूटी चोरी में आरोपियों के विरुद्ध धारा 318(4), 61(2), 338, 336(3) एवं 340 पर प्रकरण दर्ज किया है। अमरेश नायडू पर आरोप है कि पंजीयक कार्यालय से साठगांठ कर डीएलएफ गार्डन सिटी मांगल्या सड़क की गाइन लाइन पर 50 हजार 800 रुपए की दर से रजिस्ट्री नहीं की जाकर डीएलएफ गार्डन सिटी के स्वीकृत संशोधित नक्शे में कांटछांट की है। इसमें डीएलएफ गार्डनसिटी का नाम हटाकर मांगलिया सड़क गांव का गाइड लाइन पर जो बहुत कम केवल 14 हजार 200 रुपए की प्रतिवर्ग मीटर की दर थी। उसी से रजिस्ट्री कराई और ड्यूटी में 13.32 करोड़ की चोरी की।