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17 करोड़ की शासकीय राशि गबन मामले में 10वाँ आरोपी जोबट से पकड़ाया

गबन मामले में 14 आरोपी हैं, दो पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी, उप कोषालय अधिकारी और एक बाबू अब तक फरार

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17 करोड़ की शासकीय राशि गबन मामले में 10वाँ आरोपी जोबट से पकड़ाया

अलीराजपुर से राजेश जयंत की रिपोर्ट 

अलीराजपुर। जनजातीय बहुल अलीराजपुर जिले के उदयगढ़ खंड शिक्षा कार्यालय में वर्ष 2011 से 2017 के मध्य करीब 17 करोड़ की शासकीय राशि गबन मामले में उदयगढ़ पुलिस ने गुरुवार को जोबट कॉलेज तिराहे के समीप मामले से जुड़े दसवें आरोपी को पकड़ने में सफलता प्राप्त की है.

सपरिवार जोबट में ही निवास करने वाले पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी डूंगरसिंह सोलंकी विगत 2 वर्षों से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहे थे । न्यायालय ने जहां इनका गिरफ्तारी वारंट जारी किया हुआ था वही इन पर 5000 का इनाम भी घोषित था.

गबन मामले में 14 आरोपी हैं 

शासकीय राशि गबन मामले में 14 लोगों को आरोपी बनाया गया था। डूंगरसिंह सोलंकी सहित अब तक 10 आरोपी पुलिस गिरफ्त में आ चुके हैं। इनमें से एक आरोपी की कोरोना में मृत्यु हो चुकी है।

पांच आरोपी अभी भी फरार

2 साल के अंतराल में अब तक 10 आरोपी पकड़े गए हैं जबकि चार अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है ।फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए न्यायालय ने वारंट भी जारी किया हुआ है।

उदयगढ़ पुलिस का दावा है कि प्रयास जारी है और शेष फरार आरोपियों को भी शीघ्र ही पकड़ लिया जाएगा।

मशक्कत के बाद पकड़ाया डूंगर सिंह

अलीराजपुर एसपी हंसराज सिंह के निर्देशन में टीम गठित की गई। एडिशनल एसपी एवं जोबट एसडीओपी के मार्गदर्शन में उदयगढ़ थाना प्रभारी अनसिंह भाबर, एएसआई जगन्नाथ चावडे, आरक्षक रणसिंह, आरक्षक तूफान ने मुखबिर एवं तकनीकी सूचना के आधार पर घेराबंदी करके जोबट कॉलेज तिराहे से पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी एवं जनपद सीईओ रहे डूंगरसिंह सोलंकी को धर दबोचा।

यह है पूरा मामला

16 जुलाई 2020 को उदयगढ़ पुलिस थाने में मीना मंडलोई सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग अलीराजपुर ने प्रतिवेदन सौंपा था। उस वक्त खंड शिक्षा कार्यालय उदयगढ़ के प्रभारी लेखापाल सोंलकी सहायक ग्रेड -3 पर एक करोड़  इक्कासी लाख पिच्चासी हजार एक सौ उन्चास हजार रुपए गलत तरीके से आहरित करने के साक्ष्य थे। तब आरोपी रितुराज सोलंकी के विरूद्द अप.क्र. 97/20 धारा 420, 409 भादवि का कायम मामले को विवेचना में लिया गया था। पुलिस की पड़ताल में विभाग के 14-15 और नाम भी सामने आए जिसके बाद प्रकरण में धारा 467, 468, 471, 120 बी, 201, 34 भादवि बढ़ाई गई और शासकीय गबन की राशि का आंकड़ा भी 16 करोड़ को पार कर गया। पुलिस ने इस मामले पर 5000 पेज का चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया।

सात खंड शिक्षा अधिकारी सहित सात अन्य आरोपी

खंड शिक्षा कार्यालय उदयगढ़ में वर्ष 2011 से वर्ष 2017 तक यहां पदस्थ रहे 07 खंड शिक्षा अधिकारी, 02 लेखापाल, सहायक ग्रेड 2, मंडल संयोजक व केंद्राध्यक्ष पद पर रहे कर्मचारी सहित उप कोषालय जोबट के प्रभारी अधिकारी ने विभिन्न शासकीय मद छात्रवृत्ति, शिष्यावृती, पेंशन, मृत्यु दावा, निर्माण आदि के गलत देयक प्रस्तुत कर करोड़ों का गबन किया।

वर्ष 2011 से वर्ष 2017 तक यहां कुल 8 खंड शिक्षा अधिकारी पदस्थ रहे। एक का निधन हो चुका है जबकि 7 खंड शिक्षा अधिकारी आरोपी बनाए गए है।

किसने कितना किया गबन

रणसिंह डावर का निधन हो चुका है जिनके विरुद्ध 47.13165 रुपए गबन किए जाने के दस्तावेज प्राप्त हुए।
पुलिस की तफ्तीश में तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी डूंगरसिंह सोलंकी द्वारा 1.0599520, भोला प्रसाद पटेल द्वारा 2.5140510, नवलसिंह रावत द्वारा 5926564, परमानंद धाकड़ द्वारा 4048786, माधुलाल परमार द्वारा 3679 627
रामकिशोर तोमर द्वारा 3349000, नवीन श्रीवास्तव द्वारा 2328 239 एवं डॉ सूरज सिंह के द्वारा 23676809 रुपए का गबन करना पाया गया है।

गबन के यह भी है आरोपी

वर्ष 2011 से वर्ष 2017 के मध्य यहां पदस्थ रहे लेखापाल, सहायक ग्रेड 2 और केंद्राध्यक्ष के विरुद्ध भी गबन के साक्ष्य है। लेखापाल पद पर पदस्थ रहे खुमानसिंह भूरा के द्वारा 2611286, बीएल राव द्वारा 1199144 रुपए का गबन एवं 212927 का रिकॉर्ड संधारण नहीं करना पाया गया है।

अनिवार्य सेवानिवृत्ति ले चुके केंद्राध्यक्ष हेतराम राजपूत द्वारा 11614453 रुपए, तत्कालीन सहायक ग्रेड दो स्थापना शाखा प्रभारी मुकेश नीमा द्वारा 511816 रुपए अनाधिकृत तरीके से आहरण कर गबन करना पाया गया।

गबन के इस मामले में उप कोषालय जोबट के प्रभारी अधिकारी नरसिंह भूरिया की बड़ी भूमिका रही है। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उन्हें भी आरोपी बनाया है। भूरिया ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए खंड शिक्षा अधिकारियों से मिलकर वेंडरों के माध्यम से अवैध रूप से संचालित खातों में भुगतान किया।

दो पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी, उप कोषालय अधिकारी और एक बाबू अब तक फरार

तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी- परमानंद धाकड़, रामकिशोर सिंह तोमर, जोबट उप कोषालय के प्रभारी अधिकारी नरसिंह भूरिया, खंड शिक्षा कार्यालय के तत्कालीन लेखापाल बी एल राव अब तक पुलिस गिरफ्त से बाहर है। इन पर ₹5000- ₹5000 का इनाम भी घोषित है।

मंडल संयोजक हेतराम राजपूत की गिरफ्तारी के बाद कोरोना काल में मृत्यु हो चुकी है।