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नही सध रहे सत्ता के समीकरण,अध्यक्ष के बाद उपाध्यक्ष के कई दावेदार

समीकरण साधने भोपाल गए पार्षद अब तक नही लौटे

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नही सध रहे सत्ता के समीकरण,अध्यक्ष के बाद उपाध्यक्ष के कई दावेदार

कमलेश नाहर राणापुर

राणापुर: भाजपा को नगर परिषद चुनाव में टिकिट वितरण में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।नए नवेले चेहरों को मैदान में उतारा तो समर्पित ,निष्ठावान व अनुभवी पार्टी कार्यकर्ताओं की नाराजगी एकदम जायज थी।नतीजन बगावत हुई ।बागियों में पार्टी के स्थानीय व जिला संगठन के पदाधिकारी भी शामिल थे।निर्दलीय रूप से चुनाव मैदान में हुंकार भरने वाले इन बागियो के कारण पार्टी ने 3 सीटे गंवा दी।सबसे महत्वपूर्ण तो वार्ड 12 रहा जहां बागी सुरेश वागुल ने पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष सुनीता अजनार को पटखनी देकर सारे समीकरण बदल दिए

 

*समीकरण साधने भोपाल गए पार्षद अब तक नही लौटे*

 

चुनाव परिणाम भाजपा के अनुकूल रहे।15 में से 11 पार्षद जीतकर आ गए।यही प्रचंड बहुमत अब पार्टी के गले की हड्डी बन गया है।अध्यक्ष पद के लिए दीपमाला नलवाया के नाम पर संगठन की मुहर लगवाने सभी पार्षदों को भोपाल ले जाकर प्रदेश अध्यक्ष से मिलवाया गया।5 दिन बाद भी इन पार्षदों की घर वापसी नही हुई है।दरअसल अध्यक्ष पद में सेंधमारी न हो इसलिए बाड़ाबंदी की गई थी।लेकिन अब उपाध्यक्ष पद के लिए 4 से 5 पार्षदों की लार टपक रही है।ये पार्टी के लिए नई मुसीबत बन गई हैं।

 

*जाति धर्म के आधार पर उपाध्यक्ष पद पर दावा*

 

उपाध्यक्ष पद के लिए सोशल मीडिया के जरिये तमाम दावेदारी रखी जा रही हैं।इसमे योग्यता को दरकिनार कर जाति धर्म के आधार पर उपाध्यक्ष पद पर दावा किया जा रहा है।इसमें गाहरी,प्रजापत ,,राठौड़ समाज के होने के आधार पर अपना पक्ष रखा जा रहा है।वही अध्यक्ष एसटी वर्ग से होने पर उपाध्यक्ष सामान्य वर्ग से हो यह भी मांग उठ रही हैं।अध्यक्ष पद पर यदि महिला काबिज हो तो उपाध्यक्ष पद पर किसी पुरुष को ही बिठाया जाए यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

 

 

*मूर्छित कांग्रेस को संजीवनी की तलाश*

 

इन चुनावों में कांग्रेस की बुरी गत हुई।बिना किसी ऊर्जावान व कुशल नेतृत्व के चुनाव मैदान में उतरी कांग्रेस अस्तित्व की रक्षा के लिए संघर्ष करती नजर आई।3 वार्डो में उंसके प्रत्याशी जीते जरूर पर इसमे पार्टी का अधिक योगदान नही रहा।वार्ड 2 में जीतने वाला प्रत्याशी भाजपा द्वारा टिकिट में की गई अदल बदल को धन्यवाद कह रहा है।वहीं 3 व अन्य14 में भाजपा के बाग़ियों की बदौलत कांग्रेसीयो की लॉटरी लगी।इसमे वार्ड 14 में मात्र 2 वोट से जीत हासिल हुई।

 

*बिना विपक्ष की हो सकती है नगर परिषद*

कांग्रेस के 3 पार्षद जीतकर आये है।मजबूत लोकतंत्र के लिए एक सशक्त विपक्ष की महती आवश्यकता होती है।नई परिषद में विपक्ष मजबूत शायद ही रहेगा।क्योंकि कांग्रेस के 3 में से 2 पार्षद के भाजपा शरणम गच्छामि होने की जानकारी सूत्र दे रहे हैं।इनमे से एक तो भाजपा पार्षदों के साथ प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात व बाद की 5 सितारा आवभगत का आनंद भी ले रहे हैं।वैसे भी राणापुर नगर परिषद के 2-3 कार्यकाल पर नजर डाले तो यहाँ विपक्ष अपनी भूमिका निभाने में नाकाबिल ही रहा।