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शहर में वाहन चैकिंग और अवैध पार्किंग पर वसूली का गोरखधंधा

- ड्यूटी पर तैनात जिम्मेदारों के पास न तो मशीन और न ही है नियमों की पूरी जानकारी, आम जनता को कर रहे परेशान

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शहर में वाहन चैकिंग और अवैध पार्किंग पर वसूली का गोरखधंधा

भोपाल: राजधानी में इन दिनों वाहन चैकिंग और बिना अनुमति हर कहीं वाहन खड़े करने पर पुलिस और यातायात पुलिस का गोरखधंधा जारी है। वसूली को लेकर जिम्मेदार कर्मचारी सारे नियमों को तोड़ रहे हैं। ऐसे में जहां आम जनता परेशान हो रही है। वहीं, पुलिस-प्रशासन की साख पर भी सवाल उठ रहे हैं। इतना ही नहीं, जमीनी जिम्मेदार अफसरों को न तो मोटर व्हीकल एक्ट की जानकारी है और न ही पर्याप्त यातायात चैकिंग के साधन। बस पैसों की वसूली को लेकर काम हो रहा है। हालांकि इस मामले में लोगों की भी लापरवाही है। वे भी हर कहीं वाहन खड़ा कर देते हैं, जिससे जाम की स्थिति बनती है और वाहन उठाने या लॉक करने पर उन्हें भी परेशानी झेलनी पड़ती है।

ताजा मामला एमपी नगर जोन-वन, डीबी मॉल के सामने अवैध पार्किंग के संबंध में सोशल मीडिया में चल रहे एक वीडियो से सामने आ रहा है। इसमें अवैध तरीके से वाहन पार्क करने वाले वाहन चालक प्रफुल्ल जैन कार क्रमांक एमपी04सीडब्ल्यू1262 ने आॅनलाइन जुर्माना भरने की बात कही, तो ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी रामबक्स सिंह भड़क गए। जैन अवैध पार्किंग का चालान कोर्ट में भरने पर अड़े थे, तो पुलिसकर्मी सिंह मौके पर ही चालान राशि जमा कराना चाह रहे हैं। इसके बाद यहां पर जमकर विवाद हुआ। इस दौरान पुलिसकर्मी के पास न तो मशीन थी, जिससे आॅनलाइन चालान प्रति निकालते हैं और न ही नियमों की सही जानकारी। इस पर काफी विवाद हुआ। बाद में अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और विवाद को शांत कराया।

*मोटर व्हीकल एक्ट 139 के तहत है यह प्रावधान*

अगर आपकी गाड़ी के सारे कागजात गाड़ी में आपके साथ नहीं हैं। मगर वे सारे कागजात आपके घर पर हैं, तो मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 139 आपको यह अधिकार देता है कि आप वो सारे कागजात अपने घर से लाकर चेकिंग करने वाले अधिकारी को दिखा सकें। इस बीच वह अधिकारी आॅन द स्पॉट आपके वाहन का चालान नहीं काट सकता है। उसे आपको घर से कागजात लाने का समय देना होगा। हां, हेलमेट नहीं पहनने, सीट बेल्ट नहीं लगाने और वाहन चलाने के दौरान मोबाइल से बात करने जैसे मामलों में आपको कोई रियायत नहीं मिल सकती है। आपको नियम के अनुसार जुर्माना देना ही होगा। कई बार जानकारी के अभाव में लोग सभी कागजात रहने के बावजूद कार्रवाई के डर से जुर्माना भर देते हैं।