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Tribal Suraksha Manch Accuses Christian Community For Conversion: जनजाति सुरक्षा मंच का ईसाई समुदाय पर धर्मांतरण का आरोप

धर्मांतरित जनजातियों को अनुसूची से हटाकर डिलिस्टिंग करें- मेघा भाई उराव

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Tribal Suraksha Manch Accuses Christian Community For Conversion: जनजाति सुरक्षा मंच का ईसाई समुदाय पर धर्मांतरण का आरोप

झाबुआ से श्याम त्रिवेदी की रिपोर्ट

झाबुआ। मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल झाबुआ जिला मुख्यालय पर आज जनजाति सुरक्षा मंच (Tribal Suraksha Manch) के तत्वावधान में डिलिस्टिंग महारैली एवं सभा का आयोजन स्थानीय उत्कृष्ट विद्यालय मैदान पर किया गया। आयोजन में जिले से बड़ी संख्या में ग्रामीण जन पहुंचे।

वक्ताओं ने उपस्थित जनसमुदाय को डिलिस्टिंग के बारे में जानकारी दी। ईसाई समाज पर धर्मांतरण करने का आरोप भी लगाया।

Tribal Suraksha Manch ने धर्मांतरित जनजातियों को अनुसूची से हटाकर डिलिस्टिंग करने, धर्मातंरित जनजातियों का आरक्षण खत्म करने ओर ईसाई समुदाय द्वारा आदिवासी क्षेत्र मे किए जा रहे धर्मांतरण पर रोक को लेकर आयोजन किया।

Tribal Suraksha Manch की राष्ट्रीय टोली के सदस्य व प्रभारी मेघा भाई उराव ने कहा कि पूरे देश में डिलिस्टिंग की लहर चल पड़ी है।

Backward Law Commission 1990 से लागू है, जिस तरह से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी से ईसाई या इस्लाम बन गया है वो, पिछड़ा वर्ग में चले गए है।

ईसाई और पादरी लोग कहते हैं कि वो शांति प्रिय है वो पूरी तरह से झूठ का पुलिंदा है। इनकी बात में कभी नहीं आना है। जनजाति समाज को इनसे बचाए रखना है।

उन्होंने कहा कि हम अपने धर्म, समाज को कभी बदलने नहीं देंगे। जनजाति समाज से जो धर्मांतरित हुए है, उनका निश्चित तोर पर डिलिस्टिंग होगा।

जो अल्पसंख्यक है वो अल्पसंख्यक ही रहें, दोहरा लाभ लेने की कोशिश न करें। यही हमारा उद्देश्य है।

Tribal Suraksha Manch

यह रैली किसी के खिलाफ नहीं है, सिर्फ जनजातीय समुदाय के हक और अधिकार के लिए है। हम लोग संवैधानिक तरीके से अपनी बात रखेंगे।

प्रदेश संयोजक कैलाश निनामा ने उद्बोधन में ईसाई समुदाय का नाम न लेते हुए कहा कि किसी प्रकार से दिया हुआ खाना उनके हाथ से मत खाईये। सामूहिक रूप से उनके बहिष्कार की आदत बनाईये।

डिलिस्टिंग विषय आज उनके लिए नया है। उस समय की सरकारें ऐसी थीं जो, इसे इम्हींप्लीमेंट नहीं करा पाई।

जो बिल पास नहीं किया गया है, उस बिल को पास करने केे लिए यह आंदोलन अखिल भारतीय स्तर पर चल रहा है। पूरे भारत के हर राज्य पर आंदोलन चल रहा है।

Tribal Suraksha Manch  के राजेश डाबर ने कहा कि ईसाई धर्म जिन्होंने स्वीकार कर लिया है, पीटर और जाॅन बन के कहां से आए।

जनजाति समाज के रीति रिवाज और परंपरा को छोड़कर ईसाई धर्म को मानने वाले आरक्षण का भी लाभ ले रहे है। हमें धर्म की रक्षा करना है और धर्मांतरण रोकना होगा।

धर्मांतरित जनजातियों का आरक्षण भी करना होगा।

मंच पर आदिवासी समाज के संत गंगाराम महाराज, कानु महाराज, रमेश कलारा महाराज, कमल महाराज, लालसिंह महाराज और पुना महाराज उपस्थित थे।

Tribal Suraksha Manch

कार्यक्रम में मप्र और छत्तीसगढ़ के संयोजक कालु मुझाल्दा, प्रदेश अधिकारी तिलकराज डांगी, प्रदेश सहसंयोजक खेमसिंह जमरा, जनजाति सुरक्षा मंच के जिला संयोजक मुकेश मेडा, सह संयोजक छगनलाल तडवी, कुँवरसिंह निनामा, सामाजिक कार्यकर्ता राजेश डाबर, कमला वसुनिया, मनोज अरोरा मौजूद थे।

सभा स्थल से एक रैली निकाली गई जो नगर के मुख्य मार्गों से होती हुई राजगढ़ नाका पर पहुंची। रैली का नगर में जगह जगह भव्य स्वागत किया गया।

कार्यक्रम में सांसद गुमानसिंह, भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कलसिंह भाबर, भाजपा जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह नायक, पूर्व विधायक निर्मला भूरिया, शांतिलाल बिलवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष शैलेष दुबे, दीपेश बबलु सकलेचा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला पुरूष मौजूद थे।

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