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निकायों का बिजली खर्च कम करने 1329 करोड़ का अर्बन कैप्टिव सोलर प्रोजेक्ट,निकायों की आय का 40 प्रतिशत बिजली पर हो रहा खर्च

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निकायों का बिजली खर्च कम करने 1329 करोड़ का अर्बन कैप्टिव सोलर प्रोजेक्ट,निकायों की आय का 40 प्रतिशत बिजली पर हो रहा खर्च

भोपाल: प्रदेश के नगरीय निकायों की चालीस फीसदी आमदनी भारी भरकम बिजली बिलों को चुकाने में खर्च हो रही है। इससे बचने के लिए अब नगरीय विकास एवं आवास विभाग 1320 करोड़ रुपए की लागत से 220 मेगावॉट का मध्यप्रदेश अर्बन कैप्टिव सोलर प्रोजेक्ट लगाएगा। इसके लिये राशि जुटाने विभाग सामूहिक म्युनिसिपल बॉंड भी लाएगा।

नगरीय क्षेत्रों में नगरवासियों को मूल भूत सुविधाएं पेयजल, जलमल निकासी, स्वच्छता, सड़क प्रकाश व्यवस्था के संचालन-संधारण में बिजली बिलों के भुगतान पर नगरीय निकायों को कुल आय का लगभग तीस से चालीस प्रतिशत तक राशि खर्च करना पड़ता है। विद्युत की खपत में वृद्धि के कारण नगरीय निकायों के बिजली बिलों में भी लगातार वृद्धि हो रही है। भविष्य में बिजली दरों में इजाफा होंने पर बिजली बिल पर होंने वाला व्यय भी बढ़ेगा। निकायों की वित्तीय स्थिति बेहतर करने एवं उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए बिजली खर्च कम करना अनिवार्य हो गया है। बिजली बिल कम होंने से आम नागरिकों को भी बेहतर सेवा मिल सकेगी।

नगरीय निकाय देंगे 119 करोड़, सामूहिक म्यूनिस्पिल बॉंड भी आएगा-

इस परियोजना को शुरु करने पर एक हजार 320 करोड़ रुपए खर्च होंगे। परियोजना में सहभागी नगरीय निकायों की संयुक्त इक्विटी 119 करोड़ रुपए रहेगी। यह राशि नगरीय निकायों को प्रदाय कि ये जाने वाले अनुदान की राशि से उपलब्ध कराई जाएगी। निकाय अंश की शेष राशि के लिए सामूहिक म्यूनिस्पिल बॉंड भी आमंत्रित किया जाएगा।

योजना में हिस्सेदारी के लिए बनेका स्पेशल पर्पज व्हीकल-

योजना में निकायों की हिस्सेदारी के लिए एक स्पेशल पर्पज व्हीकल बनाया जाएगा। जिसमें निकायों की हिस्सेदारी का निर्धारण मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित शर्तो के अनुरूप किया जाएगा। योजना के लिए मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड को अधिकृत किया गया है जिसके लिए नगरीय निकाय, एमपीयूडीसी एवं राज्य शासन के मध्य त्रिपक्षीय अनुबंध भी निष्पादित किया जाएगा।

उत्पादित उर्जा का 51 प्रतिशत से अधिक निकायों को उपयोग करना होगा-

मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग विनियम मे कैप्टिव अवस्था में सफल होंने की शर्त के अनुसार प्रोजेक्ट इक्विटी में उपयोगकर्ता की कम से कम 26 प्रतिशत हिस्सेदारी जरुरी है। सौर संयंत्र से उत्पादित उर्जा का 51 प्रतिशत से अधिक प्रति वर्ष निकायों द्वारा उपयोग किया जाना अनिवार्य है।

*अर्बन डेवलपमेंट कंपनी करेगी क्रियान्वयन-* 

मध्यप्रदेश अर्बन कैप्टिव सोलर प्लांट प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन नगरीय विकास एवं आवास विभाग मध्यप्रदेश शासन के उपक्रम मध्यप्रदेश अर्बन डेवपलमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा किया जाएगा। केन्द्र और राज्य सरकार ने सौर एवं पवन उर्जा से बिजली उत्पादन कर हरित उर्जा का उपयोग करने के निर्देश जारी किए है ताकि गैर परंपरागत स्रोतो से बिजली की पूर्ति होंने पर प्रत्येक नगरीय निकाय आत्मनिर्भर हो सकेगे और पर्यावरण में भी सुधार आएगा।

*निकायों में होगा त्रिपक्षीय अनुबंध-* 

नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे ने सभी नगर निगमों के आयुक्त और नगर पालिका तथा नगर परिषदों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को कहा है कि इस योजना और इसके लाभ से परिषद को अवगत कराएं तथा प्रमुख अभियंता एमपीयूडीसी को त्रिपक्षीय अनुबंध कराकर उपलब्ध कराएं। संभागीय संयुक्त संचालक और उप संचालक उनके क्षेत्र में आने वाले निकायो द्वारा हस्ताक्षरित त्रिपक्षीय अनुबंध एक माह में उपलब्ध कराएंगे।

*184 निकाय उठाएंगे लाभ-* 

इस योजना से भोपाल, चंबल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, रीवा, सागर, शहडोल और उज्जैन संभाग के 184 निकाय लाभान्वित होंगे