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Indore Western Bypass : 42 किमी लम्बा होगा पश्चिमी बायपास, 1400 करोड़ खर्च का अनुमान

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण मंजूरी देगा, अलाइनमेंट में बदलाव किया गया

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Indore : पश्चिम बायपास को लेकर नए सिरे से तैयारी शुरू की गई है। 2008 के मास्टर प्लान में पश्चिमी बायपास को महू रोड से मांगलिया तक बनाया जाना तय किया गया था! अब प्रस्तावित 42 किमी लम्बे इस मार्ग में बदलाव किया गया है। इसे इंदौर-अहमदाबाद राजमार्ग से जोड़ा जाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण जल्दी ही सर्वे करके मंजूरी देगा।

पश्चिमी बायपास के निर्माण पर 1400 करोड़ से अधिक का खर्च आने का अनुमान लगाया गया है। इसके लिए सैकड़ों एकड़ निजी जमीन का अधिगृहण भी किया जाना है। पिछले दिनों कलेक्टर ने भी पश्चिमी बायपास को लेकर बैठक ली थी। इनलैंड कंटेनर डिपो के इंदौर-अहमदाबाद रोड पर बना हुआ है। इस कारण बायपास का अलाइनमेंट बदला गया। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने बायपास को इस डिपो से जोड़ने का फैसला किया है, ताकि दूसरे राज्यों से आने वाले कंटेनरों को आगरा या दिल्ली की तरफ जाने में आसानी हो।

मुंबई की तरफ एबी रोड पर जाने वाला ट्रैफिक चंदन नगर, रिंग रोड, राजेंद्र नगर रोड जा सकता है। ऐसे में पश्चिम बायपास से दोनों राष्ट्रीय राजमार्ग जुड़ जाएगा। मास्टर प्लान में पश्चिम बायपास राऊ से आगे एबी (आगरा-बंबई) रोड से प्रारंभ होना दर्शाया गया है। क्योंकि, पूर्वी बायपास राऊ तक बना है। अब पहला सिरा इंदौर-अहमदाबाद हाइवे से माचल के करीब से जुड़ेगा और मांगलिया के राऊखेड़ी गांव पर पूर्वी बायपास से जुड़ जाएगा। यह शहर से जुड़े 6 प्रमुख मार्गों और 22 गांवों को जोड़ेगा। नए बायपास को केंद्रीय सड़क व परिवहन मंत्रालय द्वारा तैयार किया जाएगा। जमीन का इंतजाम प्रदेश सरकार करेगी। फंड केंद्रीय सड़क व परिवहन मंत्रालय देगा।

पश्चिम बायपास की लंबाई 42 किलोमीटर होगी। सड़क एनएचएआई की मदद से बनेगी, लेकिन जमीन अधिगृहण के लिए इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) स्कीम घोषित करेगा। इस बायपास को पीथमपुर से जोड़ने के लिए 13 किलोमीटर लंबी सड़क मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम को बनाना होगी पहले चरण में फोरलेन सड़क बनाने की योजना है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने दो साल पहले जब इस प्रोजेक्ट की सैद्धांतिक मंजूरी दी थी, उस समय आईडीए ने इसके लिए सर्वे किया और यहाँ दो हजार से ज्यादा बाधाएं चिन्हित की थी। चंदन नगर जैसे सघन इलाके के कारण इंदौर विकास प्राधिकरण पश्चिम रिंग रोड भी नहीं बना सका। इन्हें हटाना इंदौर विकास प्राधिकरण के लिए चुनौती था। इस वजह से भारी वाहनों को शहरी क्षेत्र से ही गुजरना पड़ता है।

नई बसाहट का क्षेत्र बनेगा
पश्चिमी बायपास के बनने से शहर के पश्चिमी क्षेत्र में रहवासी बसाहट के विकल्प खुलेंगे। 2000 में पूर्वी क्षेत्र में बायपास बना था, उसके बाद यहां डेढ़ सौ से ज्यादा टाउनशिप बन गईं और कई होटलें और मैरिज गार्डन विकसित हो गए। इस बायपास के लिए आईडीए नई स्कीम घोषित करेगा, जिससे इलाके में नई बसाहट बनेगी और नए व्यापारिक व औद्योगिक केंद्र खुलेंगे।