WhatsApp Image 2025 08 07 At 9.31.47 PM
Home न्यूज़ प्रादेशिक

222 विवाह गीतों का विश्व का सबसे बड़ा संकलन: राष्ट्रपति ने कॉफी टेबल बुक्स के त्रिभाषी विवरण और चित्रों को सराहा

1508
WhatsApp Image 2023 07 15 At 18.52.24 696x464

222 विवाह गीतों का विश्व का सबसे बड़ा संकलन: राष्ट्रपति ने कॉफी टेबल बुक्स के त्रिभाषी विवरण और चित्रों को सराहा

नीति गोपेंद्र भट्ट की रिपोर्ट 

जयपुर/नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने कहा है कि राजस्थान की संस्कृति बहुत समृद्ध और बेजोड़ है।विशेष कर यहाँ का संगीत एवं नृत्य के साथ-साथ राजस्थानी व्यंजनों और मान-मनुहार की पूरी दुनिया में धूम है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने शनिवार को जयपुर राजभवन में भारतीय भाषा और संस्कृति संगम के प्रतिनिधि मंडल से भेंट के दौरान वीणा समूह जयपुर द्वारा विवाह गीत पर तीन भाषाओं में सचित्र प्रकाशित कॉफी टेबल बुक्स का अवलोकन करते हुए यह बात की।
राष्ट्रपति ने विवाह के सारे गीतों को राजस्थानी के साथ हिन्दी और अंग्रेज़ी में भी लिखने के साथ कठिन शब्दों का अर्थ दिए जाने को बहुत उपयोगी बताया।

दो सौ बाईस विवाह गीतों का विश्व का सबसे बड़ा संकलन

राष्ट्रपति को इस मौके पर बताया गया कि दो कॉफी टेबल बुक्स के इस दोसौ बाईस विवाह गीतों के विश्व के सबसे बड़े संकलन में विवाह की सभी रस्मों के गीत और चौबीस पेंटिंग्स संकलित किए गए है जो कि विवाह के मांगलिक उत्सव को हमेशा के लिए चिर स्मरणीय बनाएगा । साथ ही हमारी समृद्ध परम्पराओं को अक्षुण बनायें रखने में मददगार होंगा।इस ग्रन्थ का प्रकाशन बारह वर्षों के गहन अध्ययन के बाद किया गया है और वीणा समूह के अध्यक्ष के सी मालू राजस्थान के गाँवों और ढानियों में जाकर एक हज़ार गीतों के अध्ययन के बाद दोसौ बाईस विवाह गीतों का चयन किया गया है।

प्रतिनिधि मंडल में संगम के संरक्षक और वीणा म्यूज़िक के प्रबंध निदेशक हेमजीत मालू ,अध्यक्ष कुमेश कुमार जैन और सलाहकार गोपेंद्र नाथ भट्ट शामिल थे। राष्ट्रपति को उन्होंने राजस्थानी कला और संस्कृति पर आधारित बहुरंगी मासिक पत्रिका स्वर सरिता का अंक और विवाह गीत पर जारी दो कोफी टेबल बुक का मय सीडी और पेन ड्राइव का सेट भेंट किया।

राष्ट्रपति मुर्मू यह बताते हुए भावुक हो गई कि उन्हें उड़ीसा में अपने गाँव के निकट राजस्थानी परिवारों की शादी ब्याह में आने जाने और उनकी संस्कृति को निकट से देखने का सौभाग्य मिला जिसकी छाप आज भी उनके मन मस्तिष्ठ पर अमिट बनी हुई है ।

राष्ट्रपति मुर्मू ने बहुरंगी पत्रिका स्वर सरिता का अवलोकन भी किया और उसके कलेवर एवं प्रकाशन की भी सराहना की। हेमजीत मालू ने राष्ट्रपति मुर्मू को राजस्थानी कला संस्कृति और संगीत तथा राजस्थानी घूमर नृत्य को जन-जन तक पहुँचाने के लिए वीणा समूह के अध्यक्ष राजस्थान रत्न से विभूषित के सी मालू के योगदान की जानकारी दी।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि उनके मन में राष्ट्रपति भवन में राजस्थानी कलाकारों को आमन्त्रित करने की इच्छा है और ऐसा होना उनके लिए खुशी का अवसर होगा।