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Bhool Chuk Maaf’ Case : ‘भूल चूक माफ़’ की रिलीज सिनेमाघरों के बाद अब OTT पर भी अटकी!

बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा कि यह जायज नहीं, कानूनी हुआ फिल्म का मामला!

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Bhool Chuk Maaf’ Case : ‘भूल चूक माफ़’ की रिलीज सिनेमाघरों के बाद अब OTT पर भी अटकी!

 

Mumbai : ‘भूल चूक माफ’ को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट से बड़ा फैसला सामने आया है। कोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि राजकुमार राव और वामिका गब्बी की यह फिल्म अब ओटीटी पर रिलीज नहीं हो सकती। ये फैसला पीवीआर आइनॉक्स को बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है। ‘भूल चूक माफ’ को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट से यह बड़ा फैसला सामने आया। पीवीआर आईनॉक्स ने मैडॉक फिल्म्स पर 60 करोड़ का दावा ठोंका है।

कोर्ट में पीवीआर आईनॉक्स की तरफ से मौजूद वरिष्ठ अधिवक्ता ने जानकारी दी कि मैडॉक फिल्म्स ने 6 मई को पीवीआर आईनॉक्स के साथ एक एग्रीमेंट किया था। इसके अनुसार फिल्म ‘भुल चूक माफ’ को 9 मई को सिनेमाघरों में रिलीज किया जाना था। लेकिन 8 मई को मैडॉक फिल्म्स ने अचानक एक ईमेल भेजकर बताया कि अब फिल्म 16 मई को सीधे ओटीटी पर रिलीज किया जाएगा।

 

टिकट की एडवांस बुकिंग हुई

पीवीआर ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने फिल्म के प्रमोशन में काफी निवेश किया है। उन्होंने स्क्रीन रिजर्व कर रखी थीं और देशभर से हजारों टिकट की एडवांस बुकिंग हो चुकी थी। एग्रीमेंट में यह भी लिखा गया था कि यह फिल्म थिएटर रिलीज के बाद कम से कम आठ हफ्ते तक ओटीटी पर फिल्म रिलीज नहीं की जा सकती।

 

अब थिएटर रिलीज संभव नहीं

मैडॉक फिल्म्स ने अपने इस फैसले के पीछे सुरक्षा कारणों का हवाला दिया। उनके वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा फिल्म की थिएटर रिलीज अब संभव नहीं है। मौजूदा हालात को देखते हुए फिल्म को ओटीटी पर रिलीज करना ज्यादा सुरक्षित और फायदेमंद होगा।

मैडॉक फिल्म्स ने किया उल्लंघन

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने माना कि मैडॉक फिल्म्स ने एग्रीमेंट का उल्लंघन किया है। केवल ये सोचकर कि फिल्म थिएटर में रिलीज करना फायदे का सौदा नहीं है, कॉन्ट्रैक्ट तोड़ना जायज नहीं है। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि किसी भी सरकारी आदेश या थिएटर बंद होने जैसी कोई ठोस वजह पेश नहीं की गई। अपने फैसले में कोर्ट ने कहा कि फिल्म को 8 हफ्ते की होल्ड बैक अवधि पूरी होने तक किसी भी प्लेटफॉर्म, खासकर OTT पर रिलीज नहीं किया जा सकता। यह रोक तब तक जारी रहेगी जब तक केस की पूरी सुनवाई नहीं हो जाती। इस मामले की अगली सुनवाई अब 16 जून 2025 को होगी।