WhatsApp Image 2025 08 07 At 9.31.47 PM
Home न्यूज़ प्रादेशिक

Raja & Sonam are Missing : शिलांग में लापता राजा और सोनम का अभी तक कोई पता नहीं चला!

पूछताछ करने पर दोनों के भाइयों को गाइड, होटलवाले धमका रहे, इस घटना से मेघालय में पर्यटक घटे!

783

Raja & Sonam are Missing : शिलांग में लापता राजा और सोनम का अभी तक कोई पता नहीं चला!

Indore : कैट रोड स्थित साकार नगर के राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी का 9वें दिन भी सुराग नहीं मिला। शिलांग पुलिस बारिश के कारण रुक-रुककर सर्चिंग कर रही है। सोनम का भाई गोविंद और राजा का भाई विपिन भी ढूंढने में लगे हुए हैं। पूछताछ करने पर उन्हें गाइड, होटलवाले धमका रहे हैं। शादी के बाद 30 वर्षीय राजा पत्नी सोनम के साथ हनीमून मनाने गया था। 23 मई को उनकी मां से आखिरी बार बात हुई थी। इसके बाद दोनों लापता हो गए।

विपिन के मुताबिक पुलिस ढूंढने में लापरवाही कर रही है। उनके पास ड्रोन की व्यवस्था भी नहीं है। शुक्रवार को तो मूसलधार बारिश के कारण सर्चिंग नहीं हुई। शनिवार को पुलिसकर्मी सर्चिंग करने गए मगर कुछ घंटों बाद चले गए। विपिन के मुताबिक अब शिलांग में डर लगने लगा है। गाइड और होटल वालों ने कहा कि इस क्षेत्र में रुकना मत। उनके कारण शिलांग हाईलाइट हो गया और पर्यटकों में कमी आने लगी है। ग्रामीण उनके साथ घटना कर सकते हैं। राजा के दूसरे भाई सचिन ने कहा कि मेघालय के पर्यटन मंत्री ने अजीबो गरीब बयान दिया है। उन्होंने कहा कि दो लोगों के कारण मेघालय बदनाम हो रहा है। पुलिस तो उन्हें ढूंढने में जुटी है। उसमें हमारी क्या गलती है।

घाटियों और जंगलों में सघन सर्च 

ईस्ट खासी हिल्स की पुलिस ने तलाशी कार्य को और भी व्यवस्थित और गहन बना दिया है। नोंग्रियात और मावलाखियात के दुर्गम क्षेत्र, जो ट्रैकिंग स्पॉट के रूप में प्रसिद्ध हैं, वहां गहरी खाइयों, घने जंगलों और ऊंची चट्टानों में सघन तलाशी ली जा रही है। सोहरा थाना क्षेत्र में इस मामले की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। नोंग्रियात स्थित डबल डेकर रूट ब्रिज तक जाने वाले सभी रास्तों को बारीकी से खंगाला जा रहा है।

खोज और बचाव के लिए 4 टीमें 

ईस्ट खासी हिल्स जिला पुलिस ने उनकी तलाश के लिए अभियान को तेज कर दिया है। खोज और बचाव के लिए चार टीमें गठित की गई हैं, जिनमें राज्य पुलिस, एसडीआरएफ, होम गार्ड्स और स्थानीय ग्रामीण शामिल हैं। सर्च ऑपरेशन का केंद्र नोंग्रियात और मावलाखियात के आसपास के कठिन और बीहड़ इलाके हैं, जो पर्यटकों के बीच ट्रैकिंग के लिए मशहूर हैं। यही वह क्षेत्र है जहां से दंपति की अंतिम लोकेशन मिली थी। इस मामले को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी चिंता जताई है।